हिमाचल के सरकारी स्कूलों में आउटसोर्स पर सेवाएं दे रहे 700 से अधिक कंप्यूटर शिक्षकों की नौकरी पर संकट आ गया है। उच्च शिक्षा निदेशालय की ओर से पीजीटी आईपी के 1191 पदों को भरने के लिए तय न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता को कई शिक्षक पूरी नहीं कर पा रहे हैं।
सैकड़ों शिक्षकों के पास पीजीडीसीए का डिप्लोमा है जबकि इसके लिए मैथ-फिजिक्स में मास्टर डिग्री होना जरूरी है। ऐसे में दो दिन पहले भर्ती के लिए अधिसूचित नए नियमों के चलते इन शिक्षकों की नौकरी पर तलवार लटक गई है।
हिमाचल के सरकारी स्कूलों में बीते 15 सालों से करीब 1500 कंप्यूटर शिक्षक आउटसोर्सिगिं पर सेवाएं दे रहे हैं। कंपनी ने भर्ती के दौरान पीजीडीसीए डिप्लोमा के साथ किसी भी सब्जेक्ट में एमए की डिग्री होने की शर्त रखी थी। अब निदेशालय ने बीटेक या मैथ-फिजिक्स में मास्टर डिग्री के साथ पीजीडीसीए को न्यूनतम योग्यता कर दिया है।
वर्तमान में स्कूलों में तैनात कई शिक्षक इस न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता को पूरा नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में नई शर्तों को पूरा न करने वाले शिक्षकों की नौकरी जा सकती है। पीजीटी आईपी की भर्ती में शामिल होने के लिए उच्च शिक्षा निदेशालय में 11 से 28 सितंबर तक पंजीकरण होगा।
इसके बाद साक्षात्कार की तिथि दी जाएगी। कंप्यूटर शिक्षकों की भर्ती अनुबंध आधार पर होगी। चयनित शिक्षकों को 14500 रुपये मासिक वेतन दिया जाएगा। उधर, उच्च शिक्षा निदेशक बीएल विंटा ने बताया कि सरकार के आदेशानुसार पीजीटी आईपी की भर्ती के लिए नए आरएंडपी रूल्स बनाए गए हैं।
शिक्षा निदेशालय ने भर्ती प्रक्रिया के लिए रोस्टर लागू किया है। इसमें सामान्य वर्ग के लिए 508 पद आरक्षित किए गए हैं। वर्तमान में सामान्य वर्ग के 800 से अधिक कंप्यूटर शिक्षक स्कूलों में सेवाएं दे रहे हैं। रोस्टर लागू होने से भी कई शिक्षक बाहर जाएंगे।
यह चाहिए शैक्षणिक योग्यता
पीजीटी आईपी के पदों के लिए आवेदन करने के लिए एमएससी कंप्यूटर साइंस या एमएससी आईटी या एमसीए या बीटेक कंप्यूटर साइंस या बीटेक या गणित-फि जिक्स में मास्टर डिग्री के साथ पीजीडीसीए और कंप्यूटर में बी या सी लेबल कोर्स करने वाला आवेदक भर्ती के लिए पंजीकरण करवा सकते हैं।