स्कूल प्रवक्ता संघ, प्राथमिक शिक्षक संघ और हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ (नरेश महाजन गुट) ने बुधवार को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मुलाकात करने के बाद प्रेस क्लब शिमला में संयुक्त प्रेस वार्ता की। स्कूल प्रवक्ता संघ के प्रदेश अध्यक्ष केसर सिंह ठाकुर, महासचिव संजीव ठाकुर, मुख्य प्रेस सचिव प्रेम शर्मा, नरेश ठाकुर कहा कि अनुबंध से नियमित हुए प्रवक्ताओं को रिवाइज पे उनकी नियमितीकरण की तिथि से दी जाए। प्रवक्ताओं को दो साल का नियमित सेवा काल पूरा करने पर 5400 का ग्रेड पे प्रदान किया गया है।
नये वेतन निर्धारण में उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। अनुबंध प्रवक्ताओं को नियमित होने के लिए पहले ही बड़ा लंबा इंतजार करना पड़ा है। अनुबंध प्रवक्ता पिछले कई वर्षों से बहुत कम वेतन पर काम कर रहे हैं। नियमितीकरण के बाद एक आस बंधी थी कि अब अच्छे दिन आएंगे और उनकी आर्थिक परेशानियां खत्म होगी लेकिन नियमितीकरण के दो वर्ष के सेवाकाल के बाद संशोधित ग्रेड पे प्रदान करना प्रवक्ताओं के साथ अन्याय है।
वेतन विसंगतियां दूर करने के लिए सीएम से मिला स्कूल प्रवक्ता संघ
हिमाचल प्रदेश स्कूल प्रवक्ता संघ के प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को मुख्यमंत्री से मुलाकात की। संघ के प्रदेश अध्यक्ष केसर सिंह ठाकुर ने मुख्यमंत्री से वेतनमान संबंधी वेतन विसंगतियों को दूर करने का आग्रह किया। वेतन आयोग की विसंगतियों को दूर कर पंजाब की तर्ज पर वेतन आयोग को लागू करने का आग्रह किया। प्रतिनिधिमंडल में संघ के राज्य वरिष्ठ उपाध्यक्ष लोकेंद्र नेगी, महासचिव संजीव ठाकुर और संगठन सचिव राजन शर्मा शामिल रहे।
राज्य बिजली बोर्ड कर्मचारी यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप खरवाड़ा ने कहा कि वेतन संशोधन के लिए दस साल की अवधि में एक बार वेतन आयोग के गठन के पीछे मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों को बेहतर वेतनमान प्रदान करना है। प्रदेश में इसके विपरीत वेतन संशोधन में कुछ श्रेणियों के कर्मचारियों के वेतन में बढ़ोतरी की जगह गिरावट आई है। उन्होंने कहा कि हिमाचल के कर्मचारियों की ओर से 1978 से पंजाब वेतनमान का चयन इस तथ्य के मद्देनजर किया गया था कि पंजाब के वेतनमान केंद्र के वेतनमान की तुलना में बेहतर थे।
राज्यों के पुनर्गठन के साथ पंजाब से हिमाचल में आए कुछ कर्मचारियों पहले से ही इन वेतनमान को ले रहे थे। समय के साथ प्रदेश सरकार कई मुद्दों पर पंजाब वेतनमान संरचना से हटकर लागू करती रही है। इसके परिणामस्वरूप हिमाचल के कर्मचारियों को पंजाब में उनके समकक्षों को की तुलना में कम वेतन मिल रहा है। यूनियन ने मुख्यमंत्री से वेतन विसंगतियों को दूर करने और सभी श्रेणियों के वेतनमानों का लाभ पंजाब सरकार के बराबर लाने का अनुरोध किया है।