सीएम जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश के 68 हजार लोगों ने राज्य में आने के लिए ई-पास को आवेदन किया है। राज्य में प्रवेश करने वाले प्रत्येक व्यक्ति की पूरी तरह से चिकित्सकीय जांच की जानी चाहिए। उसके बाद तय किया जाएगा कि उसे संस्थागत या होम क्वारंटीन में रखा जाएगा। इन संस्थानों में उचित स्वच्छता व्यवस्था को सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
सीएम ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री टीएस रावत से बात कर वहां फंसे हिमाचलियों की सहायता देने के लिए कहा। कहा कि उत्तराखंड सरकार फंसे हिमाचलियों को देहरादून तक पहुंचाने की व्यवस्था करने के लिए सहमत है। यहां से उन्हें उनके घरों तक पहुंचाया जाएगा। सीएम ने राज्य में आर्थिक गतिविधियां शुरू करने की जरूरत पर भी बल दिया। कहा कि होम क्वारंटीन को और प्रभावी बनाने के लिए प्रणाली विकसित करने के लिए भी कदम उठाए जाने चाहिए।
मजदूरों का पलायन रोकना जरूरी
मुख्य सचिव अनिल खाची ने कहा कि राज्य से जाने वाले प्रवासी मजदूरों को एक साथ न भेजकर इन्हें चरणबद्ध भेजा जाए। उन्हें राज्य में रोकने के लिए रोजगार देने के प्रयास किए जाएं। पुलिस महानिदेशक एसआर मरडी, अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य आरडी धीमान, प्रधान सचिव ओंकार शर्मा व जेसी शर्मा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव संजय कुंडू ने भी विचार रखे। उपायुक्तों ने देश के विभिन्न भागों से आने वाले लोगों की सुविधा के लिए अपने-अपने जिलों में की गई व्यवस्थाओं की जानकारी दी।
यूक्रेन से चंडीगढ़ पहुंचेंगे 300 विद्यार्थी, होंगे संस्थागत क्वारंटीन
जयराम ठाकुर ने कहा कि शीघ्र ही लगभग 300 विद्यार्थी यूक्रेन से चंडीगढ़ पहुंचेंगे। उन्होंने कहा कि इन सभी छात्रों को संस्थागत क्वारंटीन में रखा जाएगा।