..भरी बरसात में जब आसमान में बादलों की गड़गड़ाहट के साथ बिजली कड़कती है तो खौफजदा वृद्ध महिला घर से बाहर भागती है। इस डर से कि कहीं इस बरसात में आधा टूट चुका घर न गिर जाए। 67 वर्षीय कृष्णा देवी के जीवन की दास्तां दर्द भरी है जिसे सुनने वाला कोई नहीं।
हमीरपुर सुपर एक्सप्रेस हाईवे के किनारे समूर स्थित ढारानुमा मकान में जीवन के अंतिम वर्ष काटने को मजबूर वृद्धा कृष्णा की शादी दो मर्तबा हुई। दोनों पतियों की मौत हो चुकी है। पहले पति से कृष्णा को तीन संतानें हुईं, जबकि फौज में सेवारत रहे दूसरे पति से कोई भी संतान नहीं।
गरीबी और लाचारी में दिन काटने को मजबूर महिला तक कोई सरकारी मदद की लौ भी नहीं पहुंच पाई है। हैरत की बात है कि जिला कांगड़ा से संबद्ध समाजसेवी संजय शर्मा जब वीरवार को कृष्णा के घर पर पहुंचे तो वृद्ध महिला करीब डेढ़ दिन से भूखी थी।