शहर के सभी स्टोरेज टैंक ओवरफ्लो होने के बावजूद शिमला के लोगों को रोज पानी नहीं मिल रहा। गाद आने के डर से नगर निगम तीसरे दिन सप्लाई दे रहा है। ऐसा पहली बार हो रहा है जब पर्याप्त सप्लाई होने के बावजूद रोज पानी नहीं दिया जा रहा। रविवार को परियोजनाओं से कुल 41.21 एमएलडी पंपिंग की सूचना है।
शहर के सभी टैंक भरने के बाद शनिवार रात नौ बजे सभी परियोजनाओं से पंपिंग बंद कर दी गई। पिछले करीब 15 दिन से ऐसा चल रहा है, जब टैंक भरने पर पंपिंग रोकनी पड़ी हो।
परियोजनाओं में अब इतना पानी उपलब्ध है कि शहर के ज्यादातर वार्डों में रोज पानी की सप्लाई दे सकते हैं लेकिन पेयजल संकट के बाद से नगर निगम प्रशासन इतना डरा हुआ है कि फिलहाल सप्लाई के शेड्यूल में बदलाव करना नहीं चाहता।
शहर को रोज पानी देने के लिए करीब 45 एमएलडी पानी की जरूरत होती है। इन दिनों पंपिंग भी 40 एमएलडी से अधिक की हो रही है। पिछले साल तक नगर निगम बरसात के मौसम में अक्सर सेंट्रल और संजौली जोन में रोज पानी की सप्लाई देता था लेकिन इस बार ऐसा नहीं किया जा रहा।
निगम का तर्क है कि यदि भारी बारिश से गाद आई तो शेड्यूल गड़बड़ा सकता है। लेकिन सवाल उठता है कि जब तक सप्लाई सामान्य है तब तक जनता को रोज पानी क्यों नहीं दे रहे।
लीकेज जारी, बर्बाद हो रहा पानी
शहर में लीकेज में ही लाखों लीटर पानी बर्बाद हो रहा है। कनलोग इलाके में सप्लाई देते ही कई इलाकों में पाइपों से पानी फूट रहा है। होटल मेरीना और टिंबर हाउस के पास लीकेज से सड़क पर पानी बह रहा है। शहर के बाकी हिस्सों में भी लीकेज बदस्तूर जारी है।
कहां से कितनी सप्लाई
परियोजना पानी (एमएलडी)
गुम्मा 18.20
गिरि 15.0
चूरट 3.09
चैड़ 2.21
कोटी बरांडी 2.71
अभी एक दिन छोड़कर नियमित सप्लाई दे रहे हैं। बरसात में गाद की भी समस्या रहती है। ऐसे में शेड्यूल गड़बड़ा न जाए, इसीलिए अभी फिलहाल शेड्यूल में बदलाव नहीं किया जाएगा।
- धर्मेंद्र गिल, अधीक्षण अभियंता, ग्रेटर शिमला वाटर एंड सीवरेज सर्किल