भारत की उत्तरी सीमा पर स्थित 22,222 फीट ऊंची माउंट लियो परगेल फतह करने के लिए गठित भारतीय तिब्बत सीमा पुलिस बल (आईटीबीपी) के दल को सोमवार को मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कहा कि सरकार सैन्य बलों को हरसंभव सहायता देगी। देश हित में राज्य के सीमांत क्षेत्रों में रेल, सड़क तथा हवाई इन्फ्रास्ट्रक्चर को सुदृढ़ करने का प्रयास किए जाएंगे।
तारादेवी स्थित आईटीबीपी कैंप में कार्यक्रम के दौरान वीरभद्र सिंह ने कहा कि यदि सेना स्पीति घाटी में भारत-तिब्बत सीमा के समीप कहीं भी एयरफील्ड चाहती है तो सरकार हरसंभव सहायता करेगी। कहा कि कांग्रेस सरकार ने बिलासपुर-भानुपल्ली-बिलसपुर-लेह रेललाइन का मामला बार-बार केंद्र सरकार से उठाया है।
वर्तमान में सीमा सड़क संगठन के अंतर्गत जनरल इंजीनियरिंग रिजर्व फोर्स सीमांत सड़कों का रखरखाव कर रही है। चीन सीमा से सटे हिमाचल के पर्वतीय क्षेत्र में सड़कों को विकसित करना काफी कठिन है। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश हित को ध्यान में रखते हुए राज्य की अंतरराष्ट्रीय एवं अंतरराज्यीय सीमाओं पर राज्य के सैन्य बलों को तैनात किया गया है।
ये अन्य समानांतर एजेंसियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर सुरक्षा के लिए मुस्तैद हैं। इससे पहले आईटीबीपी के महानिरीक्षक एचएस गोरेया ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। उन्होंने आईटीबीपी की विभिन्न गतिविधियों तथा प्रदेश के विकास में योगदान की जानकारी भी दी। कार्यक्रम में मुख्य सचिव वीसी फारका के अलावा अन्य वरिष्ठ अधिकारी और आईटीबीपी जवान उपस्थित थे।
आईटीबीपी जवानों के प्रयासों को सराहा
सीएम ने कहा कि साहसिक एवं चुनौतीपूर्ण कार्य होने के साथ यह अभियान आईटीबीपी जवानों को उनकी क्षमता तथा दृढ़ इच्छा शक्ति बढ़ाने में सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने खुशी जताते हुए सिद्धार्थ कुमार तथा उनके डिप्टी अनुप कुमार नेगी के नेतृत्व में तीन अन्य जवानों जोध सिंह, प्रदीप नेगी व देवेंद्र सिंह की ओर से विश्व की सबसे ऊंची 8848 मीटर ऊंची माउंट एवरेस्ट को फतह करने पर बधाई दी।
पानी की टंकियों की होगी बाड़बंदी
युग गुप्ता हत्याकांड से जुड़े मीडिया के एक सवाल पर सीएम बोले-शहर के सभी जल भंडारण टैंकों के चारों ओर फेंसिंग की जाएगी। ऐसे स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने के प्रयास किए जाएंगे। कहा कि नगर निगम शिमला की ओर से यह एक आपराधिक लापरवाही है। कश्मीर में कर्फ्यू हटाना जम्मू-कश्मीर सरकार की ओर से अच्छा संकेत है और घाटी में अमन-शांति और एकता की बहाली के प्रयास किए जाने चाहिए। विश्वास है कि जल्द घाटी में शांति स्थापित होगी।