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Anganwadi: हिमाचल में बनेंगे 553 प्री फेब्रिकेटिड आंगनबाड़ी भवन, सरकार ने रोपवे कारपोरेशन को दिया काम

Sat, 04 Jun 2022 10:28 AM IST
Krishan Singh सुरेश शांडिल्य, शिमला

सार

प्री फेब्रिकेटिड आंगनबाड़ी भवन का यह मॉडल कंपनी ने शिमला के घणाहट्टी के पास गनेयुग नेहरा पंचायत में बनाया है। इसी तर्ज पर अन्य भवन बनेंगे।  इन भवनों के लिए वित्त विभाग ने लगभग 65 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। 
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प्री फेब्रिकेटिड आंगनबाड़ी भवन। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश में 553 प्री फेब्रिकेटिड आंगनबाड़ी भवन बनेंगे। इन्हें बनवाने का काम रोपवे कारपोरेशन को दिया गया है। कारपोरेशन इसे खुद नहीं बनाएगा, बल्कि आगे निजी कंपनी से बनवाएगा। निजी कंपनी को काम टेंडर लगाकर दिया जाएगा। टेंडर 13 जून तक आमंत्रित किए गए हैं। हालांकि एक कंपनी की ओर से बनाए गए मॉडल से सरकार संतुष्ट है। इसलिए यह मॉडल चर्चा का विषय बन गया है, क्योंकि अभी टेंडर आमंत्रित किए हैं। किसी कंपनी को टेंडर दिया नहीं है, तो एक कंपनी का मॉडल कैसे सरकार को पसंद आ रहा है। प्री फेब्रिकेटिड आंगनबाड़ी भवन का यह मॉडल कंपनी ने शिमला के घणाहट्टी के पास गनेयुग नेहरा पंचायत में बनाया है।

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इसी तर्ज पर अन्य भवन बनेंगे।  इन भवनों के लिए वित्त विभाग ने लगभग 65 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। एक भवन बनाने की लागत करीब 12.50 लाख रुपये के आसपास आएगी। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने वित्तीय वर्ष 2022-23 के बजट भाषण में भी 1,000 आंगनबाड़ी भवन बनाने की घोषणा की है। प्रदेश में कई आंगनबाड़ी केंद्र या तो किसी के घर या आंगन या फिर किराये के भवनों में चलाए जा रहे हैं। प्रदेश रोप-वे एंड रैपिट टांसपोर्ट सिस्टम डेवलपमेंट कारपोरेशन लिमिटेड के मुख्य महाप्रबंधक अजय शर्मा ने कहा कि रोपवे कारपोरेशन ने टेंडर लगाए हैं। कम कीमत से भवन बनाने वाली और पात्र कंपनी को यह काम दिया जाएगा।

चुनावी वर्ष के चलते बनेंगे प्री फेब्रिकेटिड भवन 
 पक्के भवन बनाने के बजाय प्री फेब्रिकेटिड भवन की क्या जरूरत पड़ी? अधिकारी तर्क दे रहे हैं कि चुनावी वर्ष की व्यस्तता में सरकार के लिए एक साथ कंक्रीट के आंगनबाड़ी भवन बनाना आसान नहीं हैं। प्री फेब्रिकेटिड भवन कम लागत वाला और कम समय में बनने वाला है। इसलिए सरकार ने यह आसान तरीका ढूंढा है।
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कैबिनेट ने इन भवनों को बनाने का काम रोपवे कारपोरेशन को सौंपने का फैसला लिया है। इन्हें बनाने का काम वही देखेगा।
- संजय गुप्ता, अतिरिक्त मुख्य सचिव, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता 

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