हर माह के केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) की ओर से जारी किए जाने वाले ड्रग अलर्ट में हिमाचल की दवाएं शामिल होती हैं। इनमें मुख्य रूप से जिला सोलन, सिरमौर, ऊना और कांगड़ा के उद्योगों की दवाएं शामिल होती हैं। इनमें सबसे अधिक संख्या जिला सोलन के औद्योगिक क्षेत्र बीबीएन के तहत स्थापित हुए फार्मा उद्योगों की रहती है।
राज्य दवा नियंत्रक नवनीत मारवाह ने बताया कि प्राधिकरण के तहत पांच जोन बने हुए हैं और नियंत्रक समय-समय पर उद्योगों में जाकर जांच करता है और सैंपल भी एकत्रित करता है। उन्होंने कहा कि 90:10 के अनुपात में बद्दी में ही ड्रग टेस्टिंग लैब बन रही है, जिससे दवाओं की जांच यहीं लैब में हो सकेगी।