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और आधी रात को मरीजों के बिस्तर पर टपकने लगा पानी

Fri, 16 Nov 2018 11:23 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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प्रदेश के सबसे बड़े स्वास्थ्य संस्थान आईजीएमसी में देर रात सेंट्रल हीटिंग सिस्टम से जुड़ी पाइप लाइन टूट गई। पाइप लाइन टूटने से आपातकालीन वार्ड और आर्थो कैजुअल्टी वार्ड में सो रहे मरीजों पर पानी टपकने लगा। अचानक मरीजों के ऊपर पानी टपकने से उन्हें भारी परेशानी झेलनी पड़ी। तीमारदारों को रात को उठकर बिस्तर यहां से वहां करने पड़े।

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लोगों ने रात को ही इसकी सूचना अस्पताल प्रबंधन को दे दी थी। लेकिन रिसाव को दुरुस्त करवाने के लिए सुबह दस बजे तक लोनिवि के कर्मी मौके पर नहीं पहुंचे थे। सुबह जब कर्मचारी आए तब तक पानी का रिसाव कम हो चुका था। रातभर हुए रिसाव के चलते वार्ड के फर्श पर पानी इकट्ठा होने से मरीजों-तीमारदारों और चिकित्सकों को दिक्कतें झेलनी पड़ी।

आईजीएमसी के आर्थो वार्ड में तीमारदार मनमोहन ने बताया कि देररात से लेकर बीच रास्ते में बिस्तर पर है। लेकिन पानी को बाहर निकालने का यहां पर किसी भी तरह का इंतजाम नहीं है। वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक, आईजीएमसी डॉ. जनकराज ने कहा कि पाइप लाइन टूटने से पानी का रिसाव हुआ है।
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लेकिन वीरवार सुबह लोक निर्माण विभाग की टीम को मौके पर भेजकर इसे दुरुस्त करवा लिया है। अस्पताल में पाइप लाइन टूटने से टेंपरेचर पूरी तरह नहीं बन पाया है। इसके चलते बाकी के वार्डों में सिस्टम ध्वस्त ही नजर आया। मरीज के तीमारदार वार्ड की खिड़कियों के पास खड़े रहकर ठंड में धूप सेंकते नजर आए।

केएनएच में दिनभर ठंड में ठिठुरते रहे जच्चा बच्चा
कमला नेहरू अस्पताल में वीरवार को हीटिंग सिस्टम ठप पड़ने से जच्चा और बच्चा ठंड में ठिठुरते रहे। शहर में सुबह ग्यारह बजे के करीब बिजली की आपूर्ति बाधित हो गई थी। विद्युत बोर्ड ने पहले ही पावर कट के बारे में पहले ही आगाह कर दिया था। लेकिन इसके बावजूद अस्पताल में हीटिंग सिस्टम को दुरुस्त नहीं किया गया जिस कारण वीरवार को बिजली गुल होने के बाद मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ी।

मातृ एवं शिशु केएनएच में लाइट जाते सेंट्रल हीटिंग सिस्टम ठप पड़ गया। गायनी, एंटीनेटल ओपीडी के अलावा लैब, स्पेशल वार्ड में दाखिल मरीज इस कारण ठंड में ठिठुरते नजर आए। ठंड से बचाव को लेकर इंतजाम न करने से मरीज और तीमारदार प्रबंधन को कोसते रहे।

शिमला की रहने वाली मोनिका ने बताया कि पहाड़ों में बर्फबारी के चलते इस एरिया में ठंड बढ़ गई है लेकिन हीटिंग सिस्टम का यहां पर कोई प्रबंध नहीं है। राधिका ने कहा कि अस्पताल का यह एरिया कोल्ड जोन है। ठंडी हवा वार्ड के अंदर प्रवेश करने से जच्चा और बच्चा को ठंड लगने की आशंका रहता है। अस्पताल प्रबंधन को इस बारे में उचित कदम उठाने चाहिए।

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