शहर में हिमपात से पहले खतरनाक पेड़ों को हटा दिया जाएगा। ढहने की कगार पर पहुंच चुके इन पेड़ों को हटाने के लिए नगर निगम ने मुहिम शुरू कर दी है। बर्फबारी के दौरान कमजोर पेड़ गिर जाते हैं जिससे लोगों की निजी और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचता है। लेकिन लोग सवाल कर रहे हैं कि अब तक निगम ने कदम क्यों नहीं उठाए।
नगर निगम शहर में लोगों के लिए खतरनाक बन चुके पेड़ों को हटाने जा रहा है। नगर निगम दावा कर रहा है कि बर्फबारी से पहले पेड़ों को हटा दिया जाएगा। हालांकि इसके लिए लोगों को नगर निगम के पार्षद के माध्यम से 20 नवंबर तक आवेदन करना होगा।
इसके बाद 20 नवंबर को होने वाली कैबिनेट की बैठक में इसे स्पेशल केस बनाकर भेजा जाएगा। शहर मे अभी भी ऐसे दर्जनों पेड़ है जो घरों पर खतरा बनकर मंडरा रहे है। इसके अलावा कई ऐसे पेड़े है जिनकी शाखाओं से बिजली की तारों के टूटने का खतरा बना हुआ है।
नगर निगम घरों और बिजली की तारों पर खतरा बन चुके पेड़ों को कटवाने जा रहा है। इसके अलावा इनकी वजह से बर्फबारी के मौसम में बिजली भी गुल नहीं होगी। इसके लिए लोगों को पार्षदों के माध्यम से आवेदन करने को कहा गया है। लोग 20 नवंबर तक आवेदन कर सकते हैं।
इस बारे में पार्षदों को भी सूचित कर दिया है। नगर निगम की महापौर कुसुम सदरेट ने कहा कि पार्षद जल्द से जल्द इनके लिए आवेदन कर सकते हैं। कमेटी की टीम मौके पर जाकर इनका निरीक्षण करेगी और हटाने के लिए सरकार को प्रस्ताव भेजेगी।