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बंजर जमीन उगलेगी सोना, बनाया जाएगा कृषि योग्य

Tue, 29 Jan 2019 10:39 AM IST
ashok chauhan प्रवीण कुमार, अमर उजाला, हमीरपुर
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सूबे की बंजर जमीन भी अब सोना उगलेगी। नदी और खड्ड के किनारे बंजर जमीन को कृषि योग्य बनाया जाएगा। बाढ़ से होने वाले नुकसान को कम करने पर कार्य शुरू होगा। भारत सरकार से हिमाचल के 4893 करोड़ रुपये के महत्वपूर्ण चैनलाइजेशन प्रोजेक्ट को मंजूरी मिल गई है।

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इस प्रोजेक्ट में प्रदेश की 25 स्कीमों को शामिल किया गया है। चैनलाइजेशन के जरिये नदी और खड्ड के किनारे बेकार पड़ी बंजर भूमि को रि-स्टोर किया जाएगा। इसे कृषि योग्य बनाया जाएगा। साथ ही भूमि कटाव को भी रोकने का प्रयास होगा। इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट की लागत पर खर्च होने वाली राशि पर केंद्र और हिमाचल सरकार 80:20 के अनुपात पर वहन करेगी।

राहत की बात यह है कि प्रोजेक्ट के लिए चीन का एआईआईबी बैंक पैसा उपलब्ध करवाएगा। एआईआईबी बैंक और भारत सरकार का एक दल प्रदेश की नदियों और खड्डों का दौरा करने के लिए सोमवार को हिमाचल आ रहा है।
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28 और 29 जनवरी को प्रोजेक्ट में शामिल चिन्हित स्पॉट का निरीक्षण किया जाएगा। हिमाचल के कई जिलों में नदियां और खड्डें बाढ़ के कारण उपजाऊ कृषि भूमि को नुकसान पहुंचाती आ रही हैं, लेकिन तटीकरण के बाद बाढ़ से होने वाले नुकसान को कम किया जा सकेगा। 

प्रोजेक्ट पर तीन चरणों में शुरू होगा काम 
चार हजार से अधिक करोड़ के इस प्रोजेक्ट का कार्य तीन चरणों में शुरू होगा। प्रथम चरण में 7 स्कीमें शामिल हैं, जिस पर 1235 करोड़ खर्च होंगे। दूसरे चरण में 7 स्कीमें शामिल हैं, जिस पर 1850 करोड़ और तीसरे चरण में 11 स्कीमें शामिल हैं, जिस पर 1808 करोड़ खर्च होंगे। प्रथम चरण में हमीरपुर, मंडी और बिलासपुर से बहने वाली सीर खड्ड, रोहड़ू की पब्बर नदी, पौंटा की मारकंडा नदी, देहरा की नकेड-एक और नकेड-दो समेत सात स्कीमें शामिल हैं। 

प्रदेश आईपीएच विभाग के इंजीनियर इन चीफ शिमला ई. सुमन विक्रांत ने कहा कि एआईआईबी बैंक और दिल्ली से आने वाला दल 28 और 29 जनवरी को हिमाचल के प्रोजेक्ट में शामिल चिन्हित स्पॉट का निरीक्षण करेगा। इस प्रोजेक्ट में बाढ़ नियंत्रण के अलावा सिंचाई योजनाएं भी शामिल हैं।

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