48 लाख में दो साल पहले खरीदी है सीवर जेट मशीन
हाथों से सीवरेज साफ करने से संक्रमण का खतरा
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में बंद पड़ीं सीवरेज लाइनें खोलने के लिए खरीदी 48 लाख रुपये की सीवर जेट मशीन से नगर निगम शहर की निकास नालियां धुलवा रहा है। सीवरमैन को यह मशीन नहीं मिल रही हैं। मजबूरन इन कर्मचारियों को गंदगी में उतरकर हाथ से बंद पड़ी सीवरेज लाइनें बहाल करनी पड़ रही हैं।
तीन दिन पहले रेलवे स्टेशन के पास सीवरेज लाइन का मेनहोल ब्लॉक हो गया। इससे सीवरेज सड़क पर बहने लगा। मौके पर गए कर्मचारियों को हाथ से इसकी सफाई करनी पड़ी। कर्मचारियों का कहना है कि नगर निगम सीवर मशीन उन्हें सफाई के लिए नहीं देता। रोज बंद पड़ी लाइनें हाथों से बहाल करते हैं। कई बार मेनहोल में उतरना पड़ता है। सीवर मशीन खरीदी थी तो कहा था कि अब इससे बंद लाइनें खोली जाएंगी। लेकिन दो साल से एक बार भी निगम ने यह मशीन नहीं दी। इससे मालरोड की नालियां धोई जा रही हैं। दरअसल शहर में साल 2018 से पेयजल वितरण के साथ सीवरेज व्यवस्था का जिम्मा भी कंपनी संभाल रही है। सीएसआर प्रोजेक्ट के तहत 48 लाख रुपये की यह मशीन नगर निगम को मिली है। नगर निगम इसे कंपनी को नहीं देना चाहता। भले ही यह मशीन बेकार पड़ी रहे। कंपनी के पास शहर से आए दिन खुले में सीवरेज बहने, लाइनें बंद होने, मेनहोल ब्लॉक होने जैसी आधा दर्जन शिकायतें पहुंचती हैं। इनके लिए मौके पर भेजे जाने वाले सीवरमैन हाथ से ही लाइनें बहाल करते हैं।
60 मीटर तक लाइनें साफ करती है मशीन
मशीन की खासियत यह है कि यह सीवरेज लाइन के 60 मीटर अंदर तक जाकर सफाई कर सकती है। यह मेनहोल में पड़ा कचरा तक हटा देती है। चंद मिनटों में ही इससे बंद लाइनें खुल जाती हैं। लेकिन यह मशीन सीवरमैन को देने की बजाय नगर निगम नालियां साफ कर रहा है। नालियां नहीं धोते तो इसे आईजीएमसी की पार्किंग में खड़ा कर देते हैं। कई दिन तक यह मशीन इस पार्किंग में धूल फांकती है।
सीवरमैन ही खोलते हैं सीवरेज लाइनें : एजीएम
पेयजल कंपनी के एजीएम गोपाल कृष्ण ने कहा कि शहर में बंद पड़ी सीवरेज लाइनों और मेनहोल को सीवरमैन ही बहाल करते हैं। हमारे पास सीवर जेट मशीन नहीं है। सफाई के लिए हनी सकर तो है, लेकिन लाइनें बहाल करने का काम अभी मैनअली ही करना पड़ रहा है।
कोट
हमने कभी मशीन देने से मना नहीं किया: आयुक्त
कंपनी या किसी सीवरमैन ने नगर निगम से कभी इस मशीन की डिमांड नहीं की। यदि सीवरेज लाइन बहाल करने के लिए यह मशीन चाहिए तो नगर निगम दे देगा। हमने कभी मशीन देने से मना नहीं किया है।
आशीष कोहली, नगर निगम आयुक्त