पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार बर्फ में फंसे सभी यात्रियों के ठहरने के अलावा खान पान का भी प्रशासन ने पुख्ता इंतजाम किया था। बुधवार सभी को रवाना कर दिया गया।
पुलिस के करीब सात घंटे चले इस ऑपरेशन में कई लोगों की जान बच गई।उपायुक्त शिमला अमित कश्यप ने बताया कि ठियोग से नारकंडा के बीच में चार बसों और दर्जनों गाड़ियों में सवार दो सौ लोग मंगलवार रात को आधे रास्ते में फंस गए।
इसकी सूचना मिलने पर जिला प्रशासन ने लोगों को रात को ठहरने और खाने पीने की व्यवस्था की। प्रशासन की ओर से इन लोगों को होटल, गेस्ट हाउस में ठहराया गया। सुबह यातायात शुरू होने पर उन्हें सुरक्षित शिमला और रामपुर नारकंडा की ओर भेजा गया ।