बीआरसीसी की भर्ती के लिए राज्य सरकार ने शैक्षणिक योग्यता में छूट दे दी है। अब ग्रेजुएशन में 50 प्रतिशत अंकों की अनिवार्यता को घटाकर 45 प्रतिशत कर दिया है। अब 45 प्रतिशत अंकों के साथ बीए, बीएससी, बीकॉम, एमए, एमएससी और बीएड करने वाले शिक्षक भी ब्लाक रिसोर्स सेंटर कोआर्डिनेटर बन सकेंगे।
सरकार ने बीआरसीसी के भर्ती नियमों को संशोधित करते हुए इसकी अधिसूचना जारी कर दी है। प्रारंभिक शिक्षा निदेशक की अध्यक्षता में बनाई गई कमेटी बीआरसीसी का चयन करेगी। सर्व शिक्षा अभियान और राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान की तमाम योजनाओं को लागू करने का बीआरसीसी पर जिम्मा होता है।
पढ़ने-पढ़ाने के नए तरीकों को लेकर बीआरसीसी को प्र्रशिक्षित किया जाता है। फिर यह बीआरसीसी स्कूलों में जाकर शिक्षकों को प्रशिक्षित करते हैं। प्रदेश में 124 एजूकेशन ब्लाक हैं। हर ब्लाक में दो बीआरसीसी तैनात हैं। प्रदेश में कुल 248 बीआरसीसी वर्तमान में कार्यरत हैं। प्राइमरी कक्षाओं के लिए जेबीटी और अप्पर प्राइमरी के लिए टीजीटी को बीआरसीसी नियुक्त किया जाता है।
सरकार ने शैक्षणिक योग्यता में छूट देने के अलावा पदोन्नति मिलने पर बीआरसीसी के वापस स्कूल में लौटने की व्यवस्था को समाप्त कर दिया है। अब पदोन्नति के बाद भी बीआरसीसी तीन साल तक लगातार अपनी सेवाएं देंगे। सर्व शिक्षा अभियान, राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना निदेशक घनश्याम चंद ने शैक्षणिक योग्यता में छूट देने की पुष्टि की है।