अभियान का नेतृत्व वन परिक्षेत्र अधिकारी हंस राज ठाकुर ने किया। अभियान में राजस्व विभाग के तहसीलदार अनिल कुमार और हथियारों से लैस पुलिस की तैनाती की गई थी। वन विभाग केलांग का अतिरिक्त प्रभार देख रहे डीएफओ कुल्लू डॉ. नीरज चड्ढा ने कहा कि वन भूमि पर किए गए अवैध कब्जे का मामला प्रदेश हाईकोर्ट में चल रहा था। 17 जुलाई 2019 को हाईकोर्ट ने वन विभाग हिमाचल प्रदेश के पक्ष में फैसला सुनाया।
उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक फैसले के बाद वन विभाग ने इस कब्जे को हटाने की प्रक्रिया शुरू की, जिसे दो दिनों के भीतर अंजाम दिया गया है। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट के आदेशों की पालना करते हुए वन विभाग के 60 अधिकारी व कर्मचारियों ने अवैध कब्जे में की गई मटर की बिजाई को नष्ट किया है।
डॉ. नीरज चड्ढा ने कहा कि अभी तक वन विभाग की यह सबसे बड़ी कार्रवाई है, जिसमें एक साथ 430 बीघा जमीन से अतिक्रमण हटाया गया है।