बैंक कर्मचारियों की हड़ताल के चलते शुक्रवार को शहर के बैंकों में कामकाज ठप रहा। इसके चलते बैंकों में लेन देन नहीं हो पाया। इससे हजारों लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। अब शहर के बैंक सोमवार को खुलेंगे। इसके बाद मंगलवार और बुधवार को भी कर्मचारियों की हड़ताल है। उधर, शुक्रवार को केंद्र सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों के खिलाफ बैंककर्मियों ने एक दिन की हड़ताल की।
कर्मचारियों ने सुबह के समय उपायुक्त कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया और कर्मचारी विरोधी नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की। ऑल इंडिया बैंकर्स ऑफिसर कन्फेडरेशन हिमाचल सर्किल के महासचिव गोपाल शर्मा का कहना है कि केंद्र सरकार लगातार बैंक कर्मचारियों का शोषण कर रही है। हाल ही में हुई भारतीय बैंक संघ और बैंक यूनियनों कि बैठक में स्केल वन से लेकर स्केल सात तक के सभी बैंक अधिकारियों को केंद्र सरकार के अन्य कार्यालयों के समान वेतन देने की मांग की थी, जिसे पूरा करने से भारतीय बैंक संघ ने मना कर दिया। इसी के चलते आज हड़ताल करनी पड़ी है।
यह हैं कर्मचारियों की मांगें
प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों का कहना है कि केंद्र सरकार की कर्मचारी विरोधी नीति के चलते आज बैंक घाटे में हैं। बैंक यूनियनों की मांग है कि बैंकों का कार्य दिवस छह की जगह पांच दिन किया जाए। नई पेंशन नीति को बदलकर पुरानी व्यवस्था को लागू किया जाए। बैंक को थर्ड पार्टी के कामों से मुक्त किया जाए।
सोमवार को निपटा लें काम, फिर होगी हड़ताल
शुक्रवार को बैंकों अधिकारियों की हड़ताल रही। शनिवार और रविवार को छुट्टी के चलते बैंक बंद रहेंगे। सोमवार को बैंकों में सामान्य कामकाज होगा। ऐसे में लोग भी अपने काम निपटा लें। इसके बाद मंगलवार और बुधवार को बैंक के निचले श्रेणी के कर्मचारी हड़ताल पर जाएंगे जिससे कामकाज ठप रहेगा। इससे लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में लोग सोमवार को अपना काम निपटा सकते हैं।
खाली हो गए हैं एटीएम
बैंकों में हड़ताल की सूचना के बाद शहर के कई एटीएम शुक्रवार को खाली हो गए। बीसीएस, खलीनी, मालरोड समेत कई उपनगरों में बैंक एटीएम खाली रहे। इससे लोगों को दूसरी जगह जाकर पैसे निकालने पड़े। आज और कल परेशानी और बढ़ सकती है।