ऐतिहासिक टाउनहाल भवन के बाद अब लिफ्ट और टुटीकंडी में बनी शहर की सबसे बड़ी पार्किंग का मामला भी सरकार तक पहुंच गया है। नगर निगम ने पुख्ता प्रमाण देते हुए इन दोनों पर अपना हक जता दिया है।
महापौर कुसुम सदरेट की इन दोनों मामलों पर अतिरिक्त मुख्य सचिव राम सुभग से चर्चा हुई है। मेयर ने बताया कि एनओसी में साफ लिखा है कि काम पूरा होने के बाद इनमें एमसी की हिस्सेदारी होगी।
वहीं, अब सदन से सहमति बनने के बाद बाकायदा इसका प्रस्ताव सरकार को भेजा जा रहा है। इसमें लिफ्ट और टुटीकंडी पार्किंग में नगर निगम हिस्सेदारी मांगने जा रहा है। लिफ्ट की आय में जहां निगम का 30 फीसदी शेयर बनता है वहीं टुटीकंडी पार्किंग को भी तैयार होने के बाद नगर निगम को हैंडओवर किया जाना था। इन दोनों का काम शुरू करने से पहले पर्यटन विभाग ने लिखित में एनओसी के लिए आवेदन किया था।
इसी आवेदन में इसका जिक्र भी किया गया है। लेकिन काम पूरा होने के बाद पर्यटन विभाग ने ऐसा नहीं किया। उद्घाटन से ठीक पहले मेयर ने अतिरिक्त मुख्य सचिव से मुलाकात कर इन्हीं शर्तों पर चर्चा की है।
लिफ्ट और पार्किंग से होगी करोड़ों की कमाई
लिफ्ट में 30 फीसदी शेयर मिलने से जहां एमसी को करोड़ों की आय होगी वहीं, पार्किंग में शेयर मिलने से भी काफी कमाई होगी। यह पार्किंग शहर की सबसे बड़ी पार्किंग है। आने वाले दिनों में पर्यटन और नगर निगम बैठक कर तय करेंगे कि पार्किंग के कितने फ्लोर किसे मिलेंगे।
एनओसी में दी गई शर्तों के मुताबिक नगर निगम अपना हक लेगा। लिफ्ट और पार्किंग से शेयरिंग ली जाएगी।
- कुसुम सदरेट, महापौर नगर निगम शिमला