शिमला। विश्वविद्यालय से संबद्ध यूजी कोर्स कर रहे हजारों छात्रों को रूसा सीबीसीएस लागू होने के चार साल पूरे होने के बावजूद अभी तक ईयर सिस्टम की तर्ज पर रिवेल्यूएशन करवाने की सुविधा नसीब नहीं हो पाई है। छात्र संगठन लगातार इस मांग को उठाते आए हैं, मगर विवि इसे अब तक पूरा नहीं कर पाया है। विवि की अकादमिक काउंसिल से इसे भले ही मंजूरी मिल चुकी है, मगर इसे अभी विवि की सर्वोच्च संस्था कार्यकारी परिषद से हरी झंडी नहीं मिल पाई है। मामला अभी तक अधर में लटका हुआ है।
यूजी कोर्स के छात्र सेमेस्टर परीक्षा परिणाम आने के बाद अब तक रिवेल्यूएशन नहीं करवा पा रहे हैं। पूर्व में यूजी में लागू ईयर सिस्टम में यह सुविधा यूजी छात्रों को उपलब्ध रहती थी। छात्रों की यह मांग पूरा करने को विवि प्रशासन भले ही बार बार हामी भर रहा है, मगर समय से परीक्षा परिणाम घोषित करने की प्रक्रिया को पटरी पर लाने में जुटे विवि अभी इस बारे में आगे बढ़ने की सोच भी नहीं पा रहा है।
रूसा के तहत सेमेस्टर सिस्टम को पुन: पुराने ईयर सिस्टम में लाया गया तो, शायद छात्रों की इस मांग को पूरा करने की प्रक्रिया आगे बढ़ जाए। वर्तमान में प्रदेश भर में यूजी कोर्स कर रहे दूसरे, चौथे और छठे सेमेस्टर में करीब सवा लाख छात्राएं अध्ययनरत है, औसतन हर सत्र में छात्रों का आंकड़ा इसी के आसपास रहता है।
यूजी के सिस्टम को आनलाइन करने, रूसा सीबीसीएस लागू किए जाने की प्रक्रिया एक साथ लागू किये जाने से एकाएक सिस्टम की तमाम खामियों को दूर कर छात्रों के लिए सुविधाजनक बनाने की राह अभी भी विवि के लिए आसान नहीं है,उस पर रिवेल्यूएशन शुरू करने से विवि की राह और कठिन होना तय है।
रिकॉर्ड का रखरखाव करने को नहीं इंतजाम
विवि के कुलपति प्रो. राजिंद्र सिंह चौहान ने माना कि छात्रों की मांग जायज है। मगर विवि की परीक्षा विंग में रिवेल्यूएशन के लिए अभी स्टोर और ट्रांसपोर्टेशन की सुविधा पर्याप्त नहीं है। मामला अकादमिक काउंसिल से मंजूर हुआ है, मगर इसे अब ईसी से मंजूरी मिलना बाकी है। रिवेल्यूएशन शुरू करने को अलग से उत्तर पुस्तिकाएं रखने को रिकॉर्ड रूम अतिरिक्त स्टाफ आदि की व्यवस्था पहले करनी होगी। इसलिए यह सुविधा जल्द शुरू नहीं हो पाएगी।