अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी शिमला और उसके आसपास के इलाकों में तेंदुओं का आतंक बढ़ता जा रहा है। हालांकि, महकमे ने तेंदुओं को पकड़ने के लिए क्षेत्र में आठ पिंजरे लगाए हैं। तेंदुओं को पिंजरे में फांसने के लिए मीट रखा गया है, इसके बावजूद तेंदुए अभी भी पकड़ से दूर हैं। आए दिन तेंदुए पालतू पशुओं के साथ इंसानों पर भी हमले कर रहे हैं। तेंदुए ज्यादातर जाखू, कुफ्टाधार, भराड़ी, अनाडेल, चक्कर और कामनादेवी के आसपास के क्षेत्रों में हमला कर रहे हैं। स्थानीय लोगों की मांग पर विभाग ने क्षेत्र के आठ जगहाें पर पिंजरे लगाएं हैं लेकिन तेंदुओं को पकड़ने में विभाग को नाकामयाबी हाथ नहीं लगी है। पिछले एक माह से शहर के विभिन्न क्षेत्रों में तेंदुए पालतू जानवरोें के साथ इंसानों पर भी हमले कर रहे हैं। कभी कुफ्टाधार में सड़क पर चलते लोगों तो कभी बाइक सवारों को अपना निशाना बना रहे हैं। शहर और उसके आसपास के सभी क्षेत्रों में अंधेरा होते ही लोग अपने घरों में कैद हो रहे हैं। बच्चों का खेलने कूदने के लिए घर से बाहर निकलना बंद हो गया है।
जाखू, बड़श के लोगों ने की पिंजरे लगाने की मांग
जाखू बौर बड़श के स्थानीय लोगों ने तेंदुए को पकड़ने के लिए वन विभाग से पिंजरा लगाने की मांग की है। सोमवार को जाखू में नगर निगम शिमला के कीमैन को सुबह के समय पानी खोलते वक्त सड़क पर तेंदुआ दिखाई दिया। लोगों का कहना है कि जाखू का क्षेत्र पूरी तरह से जंगल से घिरा हुआ है और हर वक्त जंगली जानवरों का रिहायशी इलाके में आने का खतरा बना रहता है। उन्होंने मांग की है कि वन विभाग जल्द तेंदुए को पकड़ने के लिए क्षेत्र में पिंजरा लगाए।
शहरी वन विभाग ने शहर और उसके साथ लगते क्षेत्रों में आठ जगहों पर पिंजरे लगाए हैं। विभाग ने कैथू, न्यू शिमला, डीएवी न्यू शिमला, कंगनाधार, टूटीकंडी, टूटीकंडी बाईपास, पगोग और गवर्नर हाउस के पास पिंजरे लगाए हैं।
पालतू कुत्तों के शिकार में आता है तेंदुआ : इंद्र
शहरी वन विभाग के डीएफओ इंद्र कुमार ने बताया कि पालतू कुत्तों के शिकार में तेंदुए रिहायशी क्षेत्र में दस्तक देते हैं। उन्होंने कहा कि तेंदुओं को पकड़ने के लिए क्षेत्र में आठ पिंजरे लगाए गए हैं। उन्होंने शहर की जनता से अपील की है कि वे अपने कुत्तों को अंधेरा होने के बाद घर से बाहर न निकालें।