हिमाचल में दूसरे दिन भी भूकंप के दो झटके महसूस किए गए। झटकों से लोग दिनभर दहशत में रहे। जिला शिमला के रामपुर क्षेत्र में रविवार को दूसरे दिन भी भूकंप के दो झटके महसूस किए गए। तड़के 4.20 और दोपहर 12:09 बजे लगे झटकों से लोग दिनभर दहशत में रहे।
इसी बीच, चंबा में भी दोपहर 2.48 बजे भूकंप के दो झटके महसूस किए गए। रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 4.4 आंकी गई। भूकंप का केंद्र चंबा की धौलाधार रेंज में 32.8 नार्थ और 76.0 ईस्ट रहा। भूकंप के उद्गम स्थल की गहराई जमीन से करीब बीस किलोमीटर नीचे रही।
विशेषज्ञों का दावा है कि इस भूकंप का केंद्र 1905 में कांगड़ा में हजारों लोगों की जान लेने वाले भूकंप के केंद्र के आसपास ही था। वाडिया इंस्टीच्यूट ऑफ जियोलॉजी में भूकंप विभाग के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉक्टर सुशील ने इसकी पुष्टि की है। भूकंप के झटकों से जानमाल का कोई नुकसान नहीं हुआ, लेकिन लोग घरों से बाहर आ गए।
उधर, रामपुर में शनिवार को आए चार बड़े झटकों के बाद खौफजदा लोगों ने कॉलेज ग्राउंड में आसमान तले रात गुजारी। यहां ठहरे लोगों के लिए रात्रि भोजन की व्यवस्था कॉलेज मेस में की गई थी।
छात्र स्कूल में ठहरे लोगों के लिए व्यापारियों ने मिलजुलकर रात के खाने की व्यवस्था की। कई लोगों ने सुरक्षित स्थानों पर गाडि़यां खड़ी कर उसमें परिवार सहित रात गुजारी।
24 घंटे का हाई अलर्ट खत्म हो गया है। अभी सतर्कता बरती जा रही है। क्षेत्र की जनता से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें। अब किसी तरह के नुकसान का अंदेशा नहीं है। -निशांत ठाकुर, एसडीएम रामपुर