प्रोजेक्शन के माध्यम से दिखाई जाएगी हिमाचल की संस्कृति भारती शर्मा
शिमला। राजधानी के स्कैंडल प्वाइंट के नजदीक ऐतिहासिक भवन बैंटनी कैसल में बने संग्रहालय को अपग्रेड किया जाएगा। इसमें वर्चुअल रियलटी के जरिये हिमाचल की संस्कृति दिखाई जाएगी।
राज्य संग्रहालय की ओर से शिमला घूमने आने वाले सैलानियों और स्थानीय लोगों की सुविधा को देखते हुए यह नई तकनीक जोड़ी जा रही है। इस शो को देखने के लिए प्रोजेक्शन के माध्यम से 3डी, 5डी और 7डी शो दिखाए जाएंगे। इसमें चश्मा पहनने वाले व्यक्ति को ऐसा लगेगा कि जो वीडियो उसे दिखाई जा रही है उसमें वह खुद मौजूद है। इसमें हिमाचल का इतिहास, कला और संस्कृति से संबंधित कई तरह की विडियो दिखाई जाएगी। बाहरी राज्यों और देशों से आने वाले सैलानी इन चीजों को देखने और हिमाचल का इतिहास जानने में रूचि रखते हैं। राज्य संग्रहालय के अध्यक्ष हरि चौहान ने बताया कि लोगों को हिमाचली संस्कृति से रूबरू करवाने के लिए इस शो को भी जोड़ा जा रहा है। इसे बैंटनी कैसल भवन के अंदर ही दिखाया जाएगा।
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संग्रहालय में मिलती ये जानकारी
अभी तक बैंटनी कैसल में जो संग्रहालय बनाया है उसमें शिमला का पुराना इतिहास, महात्मा गांधी का शिमला दौरा, कांगड़ा कलम, चंबा थाल, कांगड़ी टोपी, शॉल और हिमाचल के स्मारकों को आकर्षक तरीके से प्रदर्शित किया है। इसमें प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री डॉ. वाईएस परमार की जीवनी, मालरोड का 1890, संजौली 1845, पीटरहॉफ 1865 और विलो बैंक का 1860 का इतिहास दर्शाया है। इसमें पर्यटकों के लिए हिमाचल से संबंधित क्राफ्ट भी उपलब्ध रहेगा। इसके अलावा यहां पर लाइट एंड साउंड शो भी दिखाया जाता है। इसका समय शाम 7:00 से 7:30 और 7:30 से 8:00 बजे तक रखा है।
जल्द शुरू होगा कार्य
राज्य संग्रहालय के अध्यक्ष हरी चौहान ने बताया कि जल्द ही अपग्रेडेशन का कार्य शुरू किया जाएगा ताकि लोगों को इसकी सुविधा मिल सके। यह छोटे बच्चों से लेकर बड़ों के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र रहेगा। बताया कि वर्चुअल रियलिटी शो शुरू होने के बाद संग्रहालय में प्रवेश के नियम भी बदले जाएंगेे। -हरी चौहान, अध्यक्ष, राज्य संग्रहालय शिमला