यूनियन अध्यक्ष खिमी भंडारी और महासचिव राज कुमारी ने कहा है कि यूनियन के संघर्षों की बदौलत केंद्र सरकार को आंगनबाड़ी कर्मियों के वेतन में इजाफा करना पड़ा है।
उन्होंने खेद जताया कि नारी उत्थान व महिला सशक्तीरण के नारे लगाने वाली मोदी सरकार आंगनबाड़ी में कार्यरत 27 लाख महिलाओं के प्रति पूरी तरह संवेदनहीन है।
सरकार द्वारा इतनी कम वेतन वृद्धि करने से साफ हो गया है कि यह सरकार महिलाओं को कोई प्राथमिकता नहीं देती। उन्होंने केंद्र सरकार के इस रवैये की कड़ी निंदा करते हुए मांग की है कि आंगनबाड़ी कर्मियों को नियमित किया जाए व न्यूनतम वेतन 18 हजार रुपये किया जाए।
उन्होंने केंद्र सरकार से 45वें व 46वें भारतीय श्रम सम्मेलन की सिफारिशों को लागू करने की मांग की। उन्होंने चेताया है कि यूनियन इतनी कम वेतन वृद्धि से संतुष्ट होने वाली नहीं है व वेतन वृद्धि को लेकर निर्णायक आंदोलन करेगी।