मंडी जोन
मंडी 25
कुल्लू 24
कांगड़ा जोन
पालमपुर 3
डलहौजी 15
लोक निर्माण विभाग ने बुधवार तक 92 सड़कों को यातायात के लिए बहाल करने का दावा किया है। विभाग ने 372 मशीनरियों को सड़क से बर्फ हटाने के लिए लगाया है।
वहीं, जनजातीय जिला किन्नौर में बीते सोमवार को हुई बर्फबारी के नौ दिन बीतने के बाद भी जिले में जनजीवन पटरी पर नहीं लौट पाया है। जंगी में ग्लेशियर और शौंगटोंग में भारी भरकम चट्टानें गिरने के कारण नेशनल हाईवे पांच यातायात के लिए अवरुद्ध हो गया है। जिले के सभी ग्रामीण रूट भी यातायात के लिए ठप पड़े हैं, जिस कारण लोगों को आवाजाही करने में दिक्कतें पेश आ रही हैं।
वहीं जिले के कई ग्रामीण इलाकों सहित स्पीति वैली में अंधेरा पसरा हुआ है। गौरतलब है कि बीते दिनों हुई भारी बर्फबारी के कारण समूचे किन्नौर जिले में विभिन्न व्यवस्थाएं चरमरा गई हैं। रिकांगपिओ से पूह काजा की तरफ एनएच पांच पर कई स्थानों पर ग्लेशियर और भारी भरकम चट्टानें गिरने के कारण वाहनों की आवाजाही के लिए ठप पड़ा है। पोवारी से पूह की ओर पूर्वणी झूला, जंगी के पास, नेसंग, भगत नाला, टिंकू नाला के पास एनएच पर करीब 5 स्थानों पर पहाड़ी से ग्लेशियर आने और भूस्खलन से एनएच पांच बाधित हो गया है।
मंगलवार को जिले के रोघी, कल्पा, सांगला, पांगी, पूर्वणी, बारंग, स्पीलो, कानम, लिप्पा, आसरंग, नेसंग, हांगो, लियो, सुन्नम, रोपावैली, छितकुल, बरी, निचार, चगांव, उरनी, युला, कटगांव, काफनू, यांगपा, रिब्बा, रिस्पा, ठंगी, कुन्नोचारंग, सुमरा, शलखर सहित सभी ग्रामीण सड़कों पर भारी बर्फबारी और फिसलन के कारण निगम की बसों की आवाजाही ठप पड़ी है। जिले के तीनो खंडों कल्पा, पूह और निचार में करीब 65 ग्रामीण सड़कें बर्फबारी के कारण पूरी तरह से बंद पड़ी हैं, जिन्हें बहाल करने के लिए 19 मशीनें और करीब 300 मजदूर युद्धस्तर पर कार्य कर रहे हैं। जिले के कई ग्रामीण इलाकों सहित काजा और स्पीति में अंधेरा पसरा हुआ है।