हिमाचल के लिए अच्छी खबर नहीं है। प्रदेश की शांत वादियों में भी एचआईवी का प्रकोप फैलने लगा है। इसकी चपेट में सूबे के मासूम बच्चे भी आने लगे है। राज्य के सभी एआरटी केंद्रों में 388 मासूम बच्चों का इलाज चल रहा है।
इनकी उम्र 15 साल से कम की है। स्वास्थ्य विभाग और वॉलंटरी हेल्थ एसोसिएशन की ओर से होलिडे होम में आयोजित एक कार्यशाला में यह तथ्य निकलकर सामने आया है।
कार्यशाला में बताया गया कि प्रदेश में तकरीबन सात हजार से अधिक लोग एचआईवी और एड्स से पीड़ित है। इसके लिए लोगों में जागरूकता पैदा करने पर बल दिया गया, जिससे किसी स्तर पर उनके अधिकारों का हनन न होने पाए।
कार्यशाला में जोर दिया गया कि एचआईवी मरीजों को बसों में यात्रा करने की नि:शुल्क सुविधा प्रदान की जाए। विधवा पेंशन में एचआईवी ग्रसित व्यक्ति को प्राथमिकता प्रदान की जाए।
सभी स्वास्थ्य केंद्रों में एचआईवी मरीजों को प्राथमिकता के आधार पर इलाज कराने पर बल दिया गया। अल्ट्रा साउंड और सिटी स्कैन में भी प्राथमिकता मिले।