हिमाचल प्रदेश पर विभिन्न संस्थाओं का 3658.41 करोड़ रुपये का कर्ज है। दो वर्षों में हिमाचल प्रदेश को उपदान के रूप में सरकार को केंद्र से 13156.89 करोड़ रुपये की धनराशि की सहायता मिली है।
विधानसभा के शीत सत्र में धर्मपुर के विधायक महेंद्र सिंह, नैना देवी के रणधीर शर्मा, देहरा विधायक रविंद्र सिंह और ऊना के विधायक सतपाल सिंह सत्ती के पूछे सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने बताया कि 25 दिसंबर 2012 से 31 अक्तूबर 2014 तक योजना आयोग के तहत 5925.15 करोड़ रुपये, बाह सहायता परियोजनाओं के तहत 2218.64 करोड़, वित्तायोग अनुदान 3312.39 करोड़ और केंद्रीय प्रायोजित स्कीमों के लिए अनुदान के रूप में 1700.71 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं। इस अवधि के अंदर प्रदेश को विभिन्न योजनाओं के तहत 13156.89 करोड़ रुपये धनराशि उपदान के रूप में मिली।
सीएम ने बताया कि केंद्र सरकार से 247.01 करोड़ रुपये कुल ऋण के रूप में प्राप्त हुआ है। इसमें बाह सहायता परियोजनाओं के तहत 246.69 करोड़ और केंद्रीय प्रायोजित स्कीमों के तहत 0.32 करोड़ रुपये मिले हैं। इसके अलावा नाबार्ड से 746.27 करोड़, 4617.00 करोड़ रुपये बाजारी ऋण, 1079.26 करोड़ राष्ट्रीय लघु बचत निधि और 37. 60 करोड़ एनसीडीसी के रूप में ऋण लिया है। इसमें से 3068.74 करोड़ रुपये की धनराशि का भुगतान प्रदेश सरकार कर चुकी है।