फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

MC SHIMLA ELECTION: 57.8 फीसदी मतदान, मतदाता सूचियों में भारी गड़बड़ी

Sat, 17 Jun 2017 03:19 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, शिमला
विज्ञापन
विज्ञापन
नगर निगम चुनाव के लिए शुक्रवार को शहरियों ने 57.8 फीसदी मतदान किया। मतदाता सूचियों में गड़बड़ी और शुक्रवार दोपहर बाद शहर में हुई झमाझम बारिश नगर निगम के मतदान पर भारी पड़ी। साल 2012 में 65 फीसदी मतदान हुआ था। मेयर और डिप्टी मेयर पद के लिए सीधा मतदान होने के चलते निगम के इतिहास में इसे रिकॉर्ड मतदान के तौर पर देखा गया था।
विज्ञापन


साल 2007 में नगर निगम चुनाव में 56 फीसदी मतदान हुआ था। बीते चुनावों के मुकाबले इस बार कम मतदान ने राजनीतिक दलों के समीकरणों को उलझा दिया है। नगर निगम शिमला का चुनाव बीते कई महीनों से विवाद में रहा है।

मतदाता सूचियों में गड़बड़ियां होने के चलते चुनाव निर्धारित तारीख पर नहीं हो सका। हजारों मतदाताओं के नाम सूचियों से गायब होने के चलते हाईकोर्ट को भी इस पर संज्ञान लेना पड़ा। हाईकोर्ट के आदेशानुसार ही अब नगर निगम चुनाव हुआ है।
विज्ञापन

126 प्रत्याशियों की किस्मत ईवीएम में बंद

शुक्रवार को हुए चुनाव में सुबह के समय मतदान की रफ्तार धीमी रही। दस बजे के बाद लोग घरों से निकलना शुरू हुए। दोपहर करीब डेढ़ बजे शहर में शुरू हुई झमाझम बारिश ने भी करीब एक घंटे तक मतदान पर असर डाला। दोपहर बाद करीब तीन बजे से मतदान ने दोबारा रफ्तार पकड़ी। 

इस कारण शाम छह बजे तक भी शहर के कई मतदान केंद्रों में वोटिंग हुई। शहर के 34 वार्डों में से सबसे ज्यादा नाभा और शांति बिहार में 66 फीसदी मतदान हुआ। सबसे कम बेनमोर वार्ड में 47 फीसदी मतदान हुआ। मतदान प्रक्रिया समाप्त होने के साथ ही 126 प्रत्याशियों की किस्मत ईवीएम में बंद हो गई है। शनिवार सुबह नौ बजे से उपायुक्त शिमला के कार्यालय में मतगणना शुरू होगी।

करीब 11 बजे तक जनता का फैसला जनता के सामने होगा। नगर निगम चुनाव में भाजपा, कांग्रेस और माकपा में त्रिकोणीय मुकाबला है। कई वार्डों में इन राजनीतिक दलों के समर्थित प्रत्याशियों को आजाद उम्मीदवार भी कड़ी टक्कर दे रहे हैं। शिमला शहर में मतदान शांतिपूर्वक रहा।

मतदाता सूची ने उलझाए वोटर, नाम ढूंढने के लिए एक से दूसरे वार्ड में दौड़ते रहे लोग

नगर निगम चुनाव के लिए शिमला शहर की जनता खासी उत्साहित थी मगर मतदाता सूचियों ने सबको उलझाकर रख दिया। लोगों को वोट डालने के लिए एक बूथ से दूसरे बूथ पर दौड़ना पड़ रहा था। इनमें कई मतदाता तो ऐसे भी निकले जिनके वोट किसी दूसरे ही वार्ड में दर्ज थे।

वहीं, सैकड़ों मतदाताओं के नाम ही वोटर लिस्ट से गायब थे। ये लोग वोट डालने मतदान केंद्र तो पहुंचे मगर मतदाता सूची में नाम न होने के कारण बिना वोट डाले ही वापस लौटना पड़ा। मतदान के लिए सरकार ने शुक्रवार को शिमला शहर में छुट्टी घोषित कर रखी थी। कई पोलिंग बूथों पर सुबह आठ बजे से ही लोग वोट डालने के लिए पहुंच गए। 

8: 15 मिनट तक न्यू शिमला, मल्याणा, कगनाधार, कसुम्पटी, छोटा शिमला, टुटू, बालूगंज के कई पोलिंग बूथों पर लंबी लाइनें लगना शुरू हो गई। नौ बजने तक पोलिंग बूथों पर लंबी लाइनें लगने के अलावा ऐसे मतदाताओं की संख्या भी बढ़ने लगी थी जिनका वोट किसी दूसरे पोलिंग बूथ या वार्ड में दर्ज था। 

पहली बार वोट डालने आ रहे ज्यादातर युवाओं के वोट उनके माता पिता के साथ न होकर किसी दूसरे पोलिंग बूथ पर दर्ज थे। वहीं, कई बुजुर्ग भी दूसरे वार्ड में जाकर भटकने को मजबूर हो गए। उधर, मतदान को लेकर प्रत्याशियों, एजेंटों और उनके कार्यकर्ताओं ने तड़के सुबह छह बजे से ही पोलिंग बूथों पर डेरा जमा लिया था। पूरा दिन प्रत्याशी अपने वार्ड में एक पोलिंग बूथ से दूसरे बूथ पर भागते नजर आए।

माता-पिता और बेटी का वोट अलग-अलग बूथ पर

मतदान केंद्रों को लेकर लोग खासा परेशान दिखे। कई जगह एक ही परिवार के लोगों के पोलिंग बूथ अलग-अलग थे। न्यू शिमला के नेगी निवास में रहने वाली मनीषा अपने माता पिता के साथ प्राइमरी स्कूल न्यू शिमला में वोट डालने पहुंची। 

पता चला कि माता-पिता का वोट तो यहां हैं मगर बेटी मनीषा का वोट एक किलोमीटर दूर डीएवी न्यू शिमला पोलिंग बूथ पर था। मल्याणा में भी एक वोटर का नाम बिजली बोर्ड कार्यालय पोलिंग बूथ में था। मगर पत्नी का वोट किसी दूसरे वार्ड में निकला। भराड़ी के ताराचंद का नाम तो लिस्ट में था मगर बेटी का नाम नहीं मिला।

बुजुर्ग परेशान, दूसरे वार्ड में निकला वोट
कई बुजुर्ग भी ऐसे थे जिनके वोट दूसरे वार्ड में दर्ज थे। न्यू शिमला में वोट डालने पहुंची 80 वर्षीय संतोष का नाम पटयोग वार्ड की लिस्ट में निकला। संतोष ने बताया कि दो पोलिंग बूथों पर जब नाम नहीं मिला तो दूसरे वार्ड में जाकर देखा। वहां मेरा नाम वोटर लिस्ट में दर्ज था। कगनाधार के 71 वर्षीय लाल सिंह और उनकी पत्नी दो वार्डों में घूमे मगर कहीं भी वोटर लिस्ट में नाम नहीं था।

वोटर लिस्ट से गायब मिले सैकड़ों वोटर

मज्याठ वार्ड में 418 मतदाता ऐसे बताए गए जिनके नाम पिछले चुनाव की मतदाता सूची में तो थे मगर इस बार गायब थे। मज्याठ स्कूल में लगे पोलिंग बूथ पर वोटर लिस्ट से नाम गायब होने पर लोगों ने प्रशासन पर रोष भी जताया। 

ये बिना मतदान किए ही लौट गए। वहीं, नाभा, फागली, टूटीकंडी, न्यू शिमला, कंगनाधार, विकासनगर, भराड़ी, छोटा शिमला, बालूगंज में भी दर्जनों मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट में नहीं मिले।

बारिश ने रोकी रफ्तार, रुल्दूभट्टा में शाम छह बजे तक मतदान
शहर के 34 वार्डों के ज्यादातर पोलिंग बूथों पर सुबह के समय मतदान की रफ्तार धीमी रही। सुबह दस बजे तक 10-15 फीसदी मतदान हुआ। दोपहर 12 बजे तक मतदान ने रफ्तार पकड़ी और कई पोलिंग बूथों पर 40 फीसदी तक वोटिंग हुई। 

दोपहर करीब डेढ़ बजे अचानक तेज बारिश ने मतदान की रफ्तार थाम ली। बारिश के बाद ही लोग वोट डालने पहुंच सके। वहीं रुल्दूभट्टा भीड़ ज्यादा होने के कारण शाम छह बजे तक मतदान हुआ।

किसी और ने ही डाल दिए वोट

सुबह 11:40 बजे मल्याणा वार्ड में युवक कमलेश कुमार जैसे ही वोट डालने पहुंचे तो पता चला कि किसी और ने ही उनका वोट डाल दिया है। आधार कार्ड और अपना पहचान पत्र दिखाने के बाद चुनाव अधिकारी ने टेंडर वोटिंग करवाई। बाद में युवक ने एएसपी भजनदेव नेगी को भी ये मामला बताया।

बुजुर्गों ने भी दिखाया जोश, लाठी थाम वोट देने पहुंचे
मतदाता सूचियों में उलझने के बावजूद बुजुर्ग मतदाताओं का जोश देखने लायक था। भराड़ी वार्ड में कलस्टन की 78 वर्षीय कमला डोगरा अपनी बहू के  साथ वोट डालने पहुंची। रामबजार के एसडी स्कूल में 85 साल की राजकुमारी ने पैदल केंद्र पर पहुंचकर मतदान किया। 

पॉवर हाउस पोलिंग बूथ पर 89 वर्षीय बुजुर्ग जेएस उप्पल उंगली पर स्याही दिखाकर पूरे उत्साह के साथ बोले कि मैने वोट डाल दिया। वहीं, चलने में परेशानी झेल रहे कगनाधार के 89 वर्षीय बलिराम भी वोट डालने पहुंचे और युवाओं को बढ़ चढ़ कर मतदान करने का संदेश दिया।
विज्ञापन

कसुम्पटी वार्ड में उलझे आजाद और भाजपा समर्थक

कसुम्पटी वार्ड में सुबह करीब 11 बजे कुछ बाहरी लोगों के वोट डालने को लेकर आजाद और भाजपा समर्थक आपस में उलझ गए। हालांकि बाद में मामला शांत हो गया मगर यहां दोनों गुटों के बीच काफी देर तक तनाव का माहौल रहा। जानकारी के अनुसार पंथाघाटी वार्ड के कुछ मतदाता वोट डालने कसुम्पटी पोलिंग बूथ पर पहुंचे।

यहां बैठे एजेंटों ने जब इनसे पहचान पत्र मांगा तो ये हड़बड़ा गए। इसके थोड़ी ही देर बाद ये लोग यहां से चले गए। अंदेशा जताया गया कि ये लोग फ्रॉड वोटिंग करने आए थे। इसके थोड़ी ही देर बाद जब भाजपा उम्मीदवार की पहचान के कुछ लोग वोट डालने पहुंचे तो इनपर भी आपत्ति जताई गई।

इसके बाद माहौल गरमा गया और सड़क पर ही दोनों गुटों के बीच बहसबाजी शुरू हो गई। नौबत मारपीट तक जा पहुंची। यहां लोगों का जमावड़ा लग गया। कुछ लोगों ने बीच बचाव करते हुए दोनों गुटों के समर्थकों को अलग किया और मामला शांत करवाया। बाद में पुलिस भी मौके पर पहुंची और पहचान पत्रों को लेकर हुई गलतफहमी को दूर किया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें