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एचपीयू के हॉस्टलों में ठहरने के लिए लेनी होगी अनुमति

Wed, 02 Jan 2019 11:52 AM IST
अरविन्द ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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हिमाचल विश्वविद्यालय में एक जनवरी से शीतकालीन अवकाश शुरू हो गए। छात्रों के चार और छात्राओं के सभी दस छात्रावास खाली हो गए हैं। इन हॉस्टलों में अब केवल वही विद्यार्थी ठहर पाएंगे जिन्होंने विवि प्रशासन के पास आवेदन कर रखे हैं। बिना अनुमति हॉस्टल में किसी को ठहरने नहीं दिया जाएगा।

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चीफ वार्डन प्रो. नैन सिंह ने सभी वार्डनों से छात्रावासों में अब तक ठहरे और विभागों के माध्यम से अनुमति के बाद पहुंचे छात्र-छात्राओं के आवेदनों का ब्यौरा बुधवार तक भेजने को कहा है। इस ब्यौरे के आने के बाद बुधवार को ही चीफ वार्डन कार्यालय तय करेगा कि छुट्टियों में कितने छात्रावास कम संख्या के चलते बंद किए जाएंगे और कितनों में छात्रों के खाने पीने के लिए मेस की सुविधा मुहैया करवाई जाएगी।

इस बार बहुत कम छात्र-छात्राओं ने छात्रावासों में सर्दियों में ठहरने के लिए आवेदन किए हैं। हालांकि विवि के एमएड और बीएड की फरवरी माह में होने वाली परीक्षाओं के चलते इन दोनों कोर्स के छात्रावासों में रहने वाले विद्यार्थियों के लिए छात्रावासों में रुकने के लिए छूट रहेगी।
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चीफ वार्डन प्रो. नैन सिंह ने कहा कि बुधवार को हर छात्रावास में रुके और रुकने की इच्छा रखने वालों की विभागों के माध्यम से मिले आवेदनों के आधार पर ही तय होगा कि किस-किस छात्रावास को छुट्टियों में खुला रखा जाना है। इसी आधार छात्रों के लिए मेस चलाने का फैसला होगा।

मुख्य पुस्तकालय की समयसारिणी बदली
विवि में शीतकालीन अवकाश और विद्यार्थियों की घटी संख्या को देखते हुए मुख्य पुस्तकालय के खुलने तथा बंद किए जाने की सारिणी में भी बदलाव किया है। इसमें कार्य दिवस पर सुबह दस से शाम पांच बजे तक मुख्य पुस्तकालय खुला रहेगा। इसके बाद शाम सात बजे तक सिर्फ रीडिंग रूम छात्रों के लिए खुलेगा। रविवार और अन्य अवकाश पर रोेज सुबह दस से पांच बजे तक पुस्तकालय खुला रहेगा लेकिन इसमें बुक्स इशू नहीं होगी।

शहर के शिक्षण संस्थान वीरान
राजधानी शिमला के स्कूल कॉलेज और विश्वविद्यालय सहित सभी निजी और सरकारी शिक्षण संस्थानों के कैंपस पूरी तरह से नए साल के पहले रोज से ही वीरान पड़ गए। स्कूलों में अगले करीब दो माह तक यही सन्नाटा पसरा रहेगा। इसके साथ ही शहर की भीड़ भी कम हो जाएगी। विद्यार्थियों ने अपने गांव या फिर घूमने फिरने के प्लान या तो तैयार कर लिए हैं या परिवार के साथ निकल गए हैं।

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