एसएफआई की राज्य कमेटी के आह्वान पर राजधानी के साथ पूरे जिले के कॉलेजों में छात्र संघ चुनाव बहाली की मांग को लेकर प्रदर्शन किए गए। इस दौरान विरोध स्वरूप पुतले भी फूंके। शहर के कोटशेरा और संजौली कॉलेज के बाहर पुतला जलाते वक्त पुलिस जवानों तथा एसएफआई कार्यकर्ताओं के बीच धक्कामुक्की भी हुई। पुलिस जवान पुतले को जलाने से रोकने का प्रयास कर रहे थे, वहीं कार्यकर्ता पूर्व निर्धारित योजना के तहत पुतला जलाने पर अड़े थे।
एसएफ आई नेताओं ने आरोप लगाया कि संजौली और कोटशेरा महाविद्यालय में प्रदर्शन तथा पुतला दहन के दौरान पुलिस ने धक्कामुक्की की और छात्राओं से बदसलूकी। जिला अध्यक्ष रमन थारटा और सचिव दिनीत दैंटा ने कहा कि यह प्रदेश सरकार तथा पुलिस की तानाशाही है। लोकतांत्रिक अधिकार के लिए छात्रों को प्रदर्शन तक नहीं करने दिया जा रहा।
उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार भी पूर्व सरकार की तरह कॉलेज और यूनिवर्सिटी छात्रों को उनके प्रतिनिधि चुनने के लोकतांत्रिक अधिकार से वंचित रखने का प्रयास कर रही है। कॉलेजों में चुने प्रतिनिधि न होने के कारण छात्रों की समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा।
एसएफआई के जिला अध्यक्ष रमन ने बताया कि छात्र संघ चुनाव की बहाली के लिए एसएफआई निर्णायक लड़ाई लड़ रही है। कहा कि जब तक प्रदेश सरकार चुनाव बहाल नहीं करती आंदोलन जारी रहेगा। राजधानी के आरकेएमवी, इवनिंग कॉलेज के अलावा ठियोग, नेरवा और करसोग कॉलेजों में भी एसएफआई कार्यकर्ताओं ने विरोद प्रदर्शन किया।