अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। शहर में जल्द 10 करोड़ के निर्माण और मरम्मत कार्य शुरू किए जा सकेंगे। आचार संहिता खत्म होते ही नगर निगम शहर में विकासकार्यों को गति देने के लिए वीरवार से टेंडर प्रक्रिया शुरू करने जा रहा है।
सबसे पहले बरसात के दौरान हुए नुकसान की भरपाई के लिए तैयार किए गए प्रस्तावों के टेंडर जारी किए जा रहे हैं। इसके तहत शहर के विभिन्न वार्डों में टूटी सड़कों की टारिंग की जाएगी। साथ ही नए डंगे और रेलिंग लगाने, टूटी सीढ़ियों और रास्तों की मरम्मत के काम भी शुरू होने हैं। नगर निगम ने ऐसे 33 प्रस्तावों को मंजूरी दी है, जिसका काम सबसे पहले किया जाना है। इसके अलावा अमृत मिशन के तहत शहर में बनने वाले नए प्रोजेक्टों को लेकर भी टेंडर जारी करने की तैयारी चल रही है। नगर निगम ने आचार संहिता से पहले भी इन प्रोजेक्टों को लेकर चार बार टेंडर जारी किए थे, लेकिन उस समय ठेकेदारों के बहिष्कार के चलते इनका काम शुरू नहीं हो पाया। जीएसटी को लेकर टेंडरों का बहिष्कार कर रहे ठेकेदार निगम प्रशासन के साथ बातचीत कर अब इन कार्यों को करने के लिए तैयार हो गए हैं। नगर निगम आयुक्त जीसी नेगी का कहना है कि वीरवार से ही टेंडर प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
मीटर रीडिंग पर मिलेंगे पानी बिल
शहरवासियों को फ्लैट रेट से जल्द राहत मिल सकती है। मीटर रीडिंग पर बिल देने के लिए जारी हुए टेंडर मासिक बैठक से पहले खोले जाएंगे। इन पर सदन में भी चर्चा की तैयारी चल रही है। आचार संहिता के चलते नगर निगम अक्तूबर में शुरू हुई टेंडर प्रक्रिया को आगे नहीं बढ़ा पाया था। इससे शहरवासियों को दिसंबर तक का पानी बिल फ्लैट रेट पर ही चुकाना होगा। उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द टेंडर प्रक्रिया पूरी होगी और नए साल से पानी के बिल मीटर रीडिंग पर मिलना शुरू हो जाएंगे।
इन बड़े कार्यों के जारी होने हैं टेंडर
- टूटीकंडी में 65 लाख से कम्युनिटी सेंटर का निर्माण
- टूटीकंडी, खलीणी, हिमलैंड में 1.77 करोड़ से फुट ओवर ब्रिज
- 4.29 लाख से टूटीकंडी के नाले का चैनलाइजेशन कार्य
- 5.28 लाख से फागली के दुर्गा भवन के पास डंगा लगाने का काम
- करीब 9 लाख से संजौली, कच्चीघाटी में सड़क किनारे डंगों का निर्माण