यह सेवा शहरी क्षेत्रों में औसतन 12 मिनट जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में 35 मिनट के भीतर दी जा रही है। जननी सुरक्षा योजना के अंतर्गत 102 राष्ट्रीय एंबुलेंस सेवा आरंभ की गई है। यह सेवा मां और शिशु को अस्पताल से घर तक नि:शुल्क पहुंचाती है।
इस सेवा में 10,38,891 आपातकालीन मामलों को पंजीकृत किया गया है। स्वास्थ्य मंत्री परमार ने कहा कि राज्य की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए बाइक एंबुलेंस सेवा आरंभ की गई है।
हिमाचल प्रदेश उत्तरी भारत का पहला राज्य है, जहां इस सेवा को शुरू किया गया है। इस सेवा की सुविधा आपात के दौरान 108 नंबर पर कॉल कर प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने कहा कि जहां चौपहिया वाहन नहीं पहुंच पाते, ऐसे क्षेत्रों में एंबुलेंस बाइक मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाती है।