देशभर के 31 एनआईटी में शिक्षकों के 3000 रिक्त पदों को भरा जाएगा। 1500 पद इस साल और शेष पद अगले साल तक भरे जाएंगे। शुक्रवार को राजधानी शिमला में हुई राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी, विज्ञान विषय और अनुसंधान संस्थानों की परिषद की 10वीं बैठक में यह फैसला लिया गया।
बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावडे़कर ने की। राज्य मंत्री महेंद्र नाथ पांडे भी बैठक में मौजूद रहे।
शिमला स्थित भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान में आयोजित बैठक में 31 नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नालॉजी (एनआईटी) और सात इंडियन इंस्टीट्यूट आफ साइंस एंड रिसर्च (आईआईएसईआर) को मजबूत करने के लिए 200 करोड़ रुपये की योजना को भी मंजूरी दी गई।
योजना के तहत देश में नए रिसर्च एवं इनोवेटिव पार्क स्थापित किए जाएंगे। फेलोशिप को बढ़ाया जाएगा। केंद्रीय मंत्री जावडे़कर ने बताया कि एनआईटी में शिक्षकों की चार स्तरीय नियुक्ति प्रक्रिया है। इस कारण कानूनी मामले बढ़ रहे हैं।
केंद्र सरकार ने इस नियुक्ति प्रक्रिया को अब बदलने का फैसला लिया है। गैर शिक्षकों की नियुक्ति के लिए भी सरकार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि एनआईटी और आईआईएसईआर देश के प्रतिष्ठित संस्थान हैं। एनआईटी में एक लाख से ज्यादा विद्यार्थी पढ़ रहे हैं।
इस साल देश में नहीं खुलेगा एक भी बीएड कॉलेज
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि देश में इस साल एक भी नया बीएड कॉलेज नहीं खोला जाएगा। केंद्र सरकार ने शिक्षकों के प्रशिक्षण का खाका बदलने का फैसला लिया है।
नई शिक्षा नीति को लेकर अगले हफ्ते बनेगी कमेटी
बीते दो साल से तैयार की जा रही देश की नई शिक्षा नीति को लेकर अगले सप्ताह नई कमेटी बनाई जाएगी। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि सोमवार को नई कमेटी का गठन कर दिया जाएगा। जल्द ही नई शिक्षा नीति तैयार होगी।