शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) में सोमवार को करीब 300 रेजिडेंट डॉक्टरों की हड़ताल रहेगी। ऐसे में अस्पताल में 2 घंटे की हड़ताल होने के कारण प्रदेशभर से इलाज के लिए आने वाले मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
ऐसे में वार्डों में न तो सुबह मरीजों की जांच को लेकर डॉक्टरों का राउंड होगा और न ही ओपीडी में उपचार मिलेगा। लिहाजा बच्चे, बड़े तथा बुजुर्ग लोगों को परेशानी पेश आएगी। हालांकि आईजीएमसी के कॉलेज प्राचार्य डॉ. सुरेंद्र सिंह ने बताया कि ओपीडी में वरिष्ठ डॉक्टर मरीजों का उपचार करेंगे। दरअसल नीट पीजी की काउंसलिंग को अस्थायी तौर पर आगे बढ़ाने के बाद देशभर में फेडरेशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन के समर्थन में आईजीएमसी की रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन (आरडीए) भी हड़ताल कर रही है।
अस्पताल के 300 रेजिडेंट डॉक्टर आज सुबह साढ़े नौ से साढ़े ग्यारह बजे तक हड़ताल पर रहेंगे। चूंकि यही डॉक्टर मरीजों को चेकअप करते हैं तो ओपीडी के अलावा ऑपरेशन भी देरी से किए जाएंगे। क्योंकि ओटी में वरिष्ठ डॉक्टरों के साथ रेजिडेंट डॉक्टर हेल्प करते हैं। ऐसे में उनके न होने के कारण ओटी भी शुरू नहीं हो पाएंगे।
नया बैच न आने से काम का बोझ बढ़ा
आईजीएमसी सैमडिकोट के अध्यक्ष डॉ. राजेश सूद ने बताया कि नीट पीजी की काउंसलिंग आगे करना गलत है। सैम डिकोट आरडीए के साथ है। क्योंकि इससे पेशेंट केयर भी प्रभावित हो रही है। नया बैच न आने के कारण वर्क लोड काफी बढ़ गया है।