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Himachal: सीएम सुक्खू बोले- अप्रैल तक एचआरटीसी के बेड़े में 300 नई इलेक्ट्रिक बसें शामिल करेंगे

Tue, 24 Feb 2026 09:35 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

 मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को भी बढ़ावा दे रही है।
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने राज्य सचिवालय में रिपोर्ट जारी की। - फोटो : आईपीआर विभाग
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विस्तार
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को भी बढ़ावा दे रही है। इस वर्ष अप्रैल तक एचआरटीसी के बेड़े में लगभग 300 नई इलेक्ट्रिक बसें शामिल की जाएंगी। विभिन्न सरकारी विभागों में इलेक्ट्रिक वाहनों का संचालन सुनिश्चित होगा और 38,000 टैक्सियों को ई-टैक्सी में बदलने के लिए 40 प्रतिशत सब्सिडी दी जा रही है। हिमाचल प्रदेश को 31 मार्च 2026 तक ग्रीन एनर्जी स्टेट बनाने का लक्ष्य रखा गया था। इसे आगे बढ़ाना होगा। राज्य में 2032 तक समृद्धशाली राज्य बनाने की तैयारी है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने मंगलवार को सचिवालय में कहा कि उन्होंने पहला बजट ही ग्रीन एनर्जी पर केंद्रित रखा। वर्तमान वर्ष में 200 मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। आने वाले वर्षों में ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन के क्षेत्र में हिमाचल प्रदेश देश का अग्रणी राज्य बनकर उभरेगा।

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ठोस आश्वासन नहीं मिला तो किशाऊ और रेणुका बांध जैसी परियोजनाओं पर आगे नहीं बढ़ेंगे
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य अपने वैधानिक अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहा है और जब तक पड़ोसी राज्य भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड के लंबित बकाये के निपटारे के लिए ठोस आश्वासन नहीं देते, तब तक किशाऊ और रेणुका बांध जैसी आगामी परियोजनाओं पर आगे नहीं बढ़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर कुछ सकारात्मक प्रतिक्रियाएं प्राप्त हुई हैं।

हर वर्ष 12 लाख पौधे देगी डाबर कंपनी, सरकार के साथ एमओए किया हस्ताक्षर
डाबर कंपनी हिमाचल प्रदेश के किसानों को 12 लाख औषधीय पौधे हर साल देगी। इनमें अलग-अलग प्रजाति के एक-एक लाख पौधे होंगे। यह पौधे आगामी दस साल तक दिए जाते रहेंगे। राज्य सरकार ने डाबर कंपनी के प्रतिनिधियों के साथ मेमोरेंडम ऑफ एग्रीमेंट (एमओए) पर हस्ताक्षर किए। इसे मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की उपस्थिति में मैसर्ज डाबर इंडिया लिमिटेड और मैसर्ज करण सिंह वैध सोलन के साथ साइन किया गया। मंगलवार को राज्य सचिवालय में हुए इस समझौते के अनुसार मैसर्ज डाबर इंडिया लिमिटेड प्रदेश को दस साल में कुल एक करोड़ 20 लाख पौधे देगा। यह पौधे 10 साल तक कम से कम 10 लाख प्रति प्रजाति दिए जाएंगे। इन्हें किसानों को मुफ्त दिया जाएगा। इन पौधों को प्रदेश के पारिस्थितिकीय संतुलन को देखते हुए चयनित किया जाएगा। इससे ग्रीन कवर बढ़ेगा और किसानों की आमदनी भी बढ़ेगी।
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हल्दी, अश्वगंधा, तुलसी के पौधे सोलन में उगाने का अलग समझौता
-सोलन स्थित मैसर्स करण सिंह वैद्य के साथ हस्ताक्षरित दूसरे समझौता ज्ञापन (एमओए) के तहत पांच वर्षों की अवधि के लिए सोलन जिले में चुनिंदा औषधीय पौधों की खेती, संरक्षण और मूल्य श्रृंखला विकास को बढ़ावा देने की परिकल्पना की गई है। इस समझौते के अंतर्गत छह प्राथमिकता प्राप्त प्रजातियों - हल्दी, अश्वगंधा, शतावरी, तुलसी, चिरायता और हिमालयन जेंटियन की खेती आसपास की पंचायतों को लक्षित करते हुए की जाएगी। प्रारंभिक चरण में, 108 बीघा से अधिक भूमि पर कम से कम 225 महिला किसानों को शामिल किया जाएगा।
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