हिमाचल प्रदेश की सीमा सरचू में बैली ब्रिज की मरम्मत के चलते रोके गए सामान से लदे सभी 50 ट्रकों को मंगलवार रात लेह के लिए रवाना कर दिया है। वहीं बुधवार को भी खराब मौसम होने पर भी मनाली-सरचू-लेह मार्ग पर वाहनों की आवाजाही सामान्य रूप से चलती रही। इस दौरान मनाली से 150 छोटे वाहनों के साथ 30 ट्रकों को मनाली से ईवन तिथि के तहत भेजा गया।
सरचू में बीआरओ के बैली ब्रिज का कार्य पूरा होने के बाद लेह की ओर से सैकड़ों छोटे-बड़े वाहन मनाली की ओर भेजे गए। इसमें अधिकतर ट्रक शामिल थे। अटल टनल रोहतांग बनने के बाद लाहौल के साथ मनाली-लेह की तरफ वाहनों का दबाव बढ़ता जा रहा है। उधर, लाहौल के कोकसर की ओर भी बड़ी संख्या में पर्यटकों की आवाजाही रही। कई पर्यटक बर्फ देखने के लिए दुर्गम रास्तों की ओर निकल रहे हैं। ऐसे में लाहौल-स्पीति पुलिस भी बाहर से आने वाले सभी लोगों पर नजर रखे हुए हैं। लाहौल जाने वाले वाहनों की पुलिस द्वारा चेकिंग की की जा रही है।
रापे गांव से वापस भेजे दो सैलानी
वहीं मंगलवार को जर्मनी के टेरेसा रूट और मध्य प्रदेश से अनुज जोशी रापे गांव से होते हुए जा रहे थे। यह रूट कुगती पास के रास्ते मणिमहेश को जोड़ता है। स्थानीय लोगों ने इन दोनों पर्यटकों को रापे गांव से ऊपर की ओर जाते देख और इसकी सूचना पुलिस चौकी जाहलमा में दी। इसके बाद पुलिस उनके पास पहुंची और उन्हें वहां से वापस लाया गया। अभी कुगती पास की पहाड़ियां बर्फ से ढकी हैं। लिहाजा उस ओर अभी जाना काफी जोखिम भरा है। एसपी लाहौल-स्पीति मयंक चौधरी ने घाटी आने वाले पर्यटकों से अपील की है कि वह बिना किसी सूचना के पहाड़ों की तरफ रुख न करें। खराब मौसम के चलते अभी भी पहाड़ों में बर्फबारी हो रही है।