बालूगंज थाना क्षेत्र में 6 जून 2021 को दर्ज हुआ था मामला
शहर में सब्जी और दूध बेचने का काम करता था सुरेश संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। जिला अदालत ने एनडीपीएस एक्ट के तहत एक मामले में आरोपी को दोषी करार देते हुए 3 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके अलावा दोषी को 30 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर दोषी को छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
विशेष न्यायाधीश-एक प्रवीन गर्ग की अदालत ने वीरवार को सरकार बनाम सुरेश ठाकुर के मामले में यह सजा सुनाई। दोषी आरोपी सुरेश ठाकुर (48) निवासी फायल पोस्ट ऑफिस धारी-शोघी का रहने वाला है। सरकार की ओर से मामले की पैरवी सहायक जिला न्यायवादी भैरव नेगी ने की। बताया कि 6 जून 2021 को पुलिस की एक टीम ओल्ड बस स्टैंड, बैरियर, कच्चीघाटी और तारादेवी क्षेत्र में गश्त पर थी। दोपहर करीब 2:00 बजे टीम ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर चक्कर क्राॅसिंग के पास सोलन की तरफ से आ रहे वाहन को चेकिंग के लिए रोका। इसमें एक व्यक्ति सवार था।
पूछताछ में बताया कि वह पेशे से सब्जी और दूध बेचने का काम करता था। इसी दौरान तलाशी में वाहन के डैश बार्ड से दो माइक्रोन बैग बरामद किए। पुलिस ने उक्त बैगों की तलाशी ली जिसमें 265 ग्राम चरस और 413 ग्राम अफीम बरामद हुई। इसके बाद बालूगंज थाना पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर एनडीपीएस एक्ट की धारा 18, 20 के तहत कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया। अब विशेष न्यायाधीश की अदालत ने आरोपी को उपरोक्त अपराध के लिए दोषी ठहराया। मामले की जांच तत्कालीन एएसआई चेत राम ने की।