संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश-एक शिमला प्रवीण गर्ग की अदालत ने चेक बाउंस से जुड़े एक मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए अपीलकर्ता रमेश ठाकुर की अपील खारिज कर दी है। अदालत ने निचली अदालत (ट्रायल कोर्ट) के फैसले को सही ठहराते हुए तीन महीने के कारावास और 1.20 लाख रुपये मुआवजे की सजा बरकरार रखी है।
यह मामला छोटा शिमला निवासी शिकायतकर्ता मोहन लाल और शिमला निवासी रमेश ठाकुर के बीच वर्ष 2014 से चल रहा था। दोनों पक्षों के बीच पहले भी विवाद हुआ था। इसके बाद हुए समझौते के तहत रमेश ठाकुर ने 80 हजार रुपये का एक चेक मोहन लाल को दिया था। बैंक में प्रस्तुत करने पर चेक बाउंस हो गया। इसके बाद शिकायतकर्ता ने अदालत में अपील दायर की थी। न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी कोर्ट नंबर-4, शिमला की अदालत ने रमेश ठाकुर को 25 सितंबर 2024 को सजा सुनाई थी। दोषी ने इसके बाद अपर कोर्ट में अपील दायर की थी।