हिमाचल के सरकारी स्कूलों में नौनिहाल तंगहाली में बैठकर पढ़ने को मजबूर हैं। सूबे के 2609 प्राइमरी स्कूल दो-दो कमरों में चल रहे हैं। 290 प्राइमरी, 196 अपर प्राइमरी और चार सेकेंडरी स्कूल तो एक-एक कमरे में खोले गए हैं। धूप, बारिश या सामान्य दिनों में विद्यार्थी किस तरह पढ़ते होंगे इसका सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है।
हैरानी की बात है कि राज्य सरकार भी इन सुविधाओं के बूते सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने के दावे करती है। निजी स्कूलों में विद्यार्थियों को पढ़ने वाला माहौल देने के लिए उचित कमरों की व्यवस्था होती है। खेलने के लिए मैदान होते हैं। हर बच्चे को
बैठने के लिए अलग से बेंच दिया जाता है, जबकि प्रदेश के कई प्राइमरी स्कूलों में तो पांच कक्षाएं ही एक-दो कमरों में लगाई जा रही हैं। ऐसे में कौन सा अभिभावक चाहेगा कि वह अपने बच्चे को इन हालात में पढ़ने के लिए भेजे। स्कूलों में मूलभूत सुविधाओं की कमी सरकारी स्कूलों में घटती बच्चों की संख्या का एक और बड़ा कारण है।
कांगड़ा, शिमला में हालत सबसे खराब
प्रदेश की राजनीति में दबदबा रखने वाले दो बड़े जिलों कांगड़ा और शिमला में हालात सबसे खराब हैं। शिमला में 59 और कांगड़ा में 52 प्राइमरी स्कूल एक-एक कमरे में चल रहे हैं। बिलासपुर के 10, चंबा के 24, हमीरपुर के 5, किन्नौर के 10, कुल्लू के 15, लाहौल-स्पीति के 14, मंडी के 47, सिरमौर के 41, सोलन के 10 और ऊना के 3 प्र्राइमरी स्कूल एक-एक कमरे में खुले हुए हैं।
इसी तरह दो कमरों में शिमला के 398, कांगड़ा के 430, बिलासपुर के 177, चंबा के 188, हमीरपुर के 63, किन्नौर के 49 कुल्लू के 204, लाहौल-स्पीति के 129, मंडी के 454, सिरमौर के 171, सोलन के 239 और ऊना के 107 प्र्राइमरी स्कूल एक-एक कमरे में खुले हुए हैं।
चार से छह कमरों वाले 3600 स्कूल
चार से छह कमरों वाले प्रदेश में 3600 और तीन कमरों वाले 4066 प्राइमरी स्कूल हैं। अपर प्राइमरी में 196 स्कूल सिंगल कमरे वाले, 231 स्कूल दो कमरों वाले, 1236 स्कूल तीन कमरों वाले और 442 स्कूल चार से छह कमरों के हैं। सेकेंडरी स्कूलों में कांगड़ा में दो और
कुल्लू, किन्नौर में एक-एक स्कूल सिंगल कमरों में चल रहे हैं। 17 स्कूल दो कमरों में, 104 स्कूल तीन कमरों में, 695 स्कूल चार से छह कमरों में खुले हैं। हायर सेकेंडरी स्कूलों में कांगड़ा के दो और किन्नौर का एक स्कूल दो-दो कमरे में हैं। 16 स्कूल तीन कमरों में, 236 स्कूल चार से छह कमरों में चल रहे हैं।