ढांगवी के बागवान मोतीलाल चौहान ने बताया कि उनका 4000 पेड़ का सेब बगीचा है। इसमें स्पर सेब लगाया है। वर्ष 2002 में स्पर की सुपर चीफ वैरायटी आने के बाद पूरे बागीचे में स्पर लगाया। पहली बार फ्रूट कंपनी सीधे बगीचे में सेब खरीदने आई है।
डील के तहत 15 अगस्त तक 2500 पेटी सेब कंपनी बगीचे से उठाएगी। इसके बाद करीब 3000 पेटी की एक और डील होगी। इसमें पहली सितंबर तक माल दिया जाएगा। पेमेंट को लेकर हम आश्वस्त हैं। कंपनी 20 लाख एडवांस देगी। इसके बाद रोजाना 250 पेटी सेब उठाएगी और हमारे अकाउंट में 10 लाख रुपये रोजाना जमा करेगी।
चुग फ्रूट कंपनी लुधियाना के प्रबंध निदेशक दीपक अरोड़ा ने बताया कि बगीचे से जो सेब खरीद रहे हैं वह क्वालिटी में वाशिंगटन सेब को मात देता है। एक दम फ्रेश माल है। इसे विदेश भेजा जाएगा। सेब की न्यूट्रिशन वेल्यू ज्यादा है।
बागवानों को फायदा, बचेगी 6 फीसदी कमीशन
बगीचे में आकर सेब खरीदने से बागवान और खरीदार दोनों को फायदा है। मंडियाें में आढ़ती 5 फीसदी कमीशन काटते हैं। एक फीसदी मार्केट फीस वसूली जाती है। 80 लाख रुपये के सेब में 4 लाख 80 हजार रुपये कमीशन में चले जाते हैं। विदेशों में भी सेब की खड़ी फसल बगीचों से खरीदने का चलन है।