scholarship scam in Himachal Pradesh
250 करोड़ से अधिक के छात्रवृत्ति घोटाले में जल्द गिरफ्तारियों का दौर शुरू हो सकता है। सूत्रों के अनुसार अब तक की जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर जांच एजेंसी अब एक्शन मोड में आने वाली है। अभी तक यह बात सामने आई है कि घोटाले को अंजाम देने के लिए सरकारी तंत्र से लेकर निजी शिक्षण संस्थानों ने सुनियोजित तरीके से काम किया और करोड़ों रुपये की छात्रवृत्ति हड़प ली।
यही नहीं, छात्रवृत्ति वितरण पर नजर रखने में भी अनियमितता बरती गई। सूत्रों का कहना है कि पहले चरण में सीबीआई ने जिन 21 संस्थानों के ठिकानों पर छापा मारा था, उनके खिलाफ साक्ष्य इकट्ठा करने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। चूंकि, जांच में प्रदेश के बाहर के भी कई संस्थान है, ऐसे में जांच एजेंसी इसे किस्तों में पूरा करना चाह रही है।
जयराम सरकार के जनजातीय विकास मंत्री डॉ. रामलाल मारकंडा की शिकायत पर शिक्षा विभाग की ओर से की गई प्रारंभिक जांच में भी कई निजी शिक्षण संस्थानों द्वारा फर्जी प्रवेश दिखाकर सरकारी छात्रवृत्ति हड़पने की बात सामने आई थी। जांच में पाया गया कि 2013-14 से लेकर वर्ष 2016-17 तक भारी अनियमितता बरती गई। यही नहीं, 80 फीसदी छात्रवृत्ति का बजट सिर्फ निजी संस्थानों में बांटा गया जबकि सरकारी संस्थानों को छात्रवृत्ति के बजट का मात्र 20 फीसदी हिस्सा ही मिला।