कुछ मामलों में आरोप साबित होने के बाद कड़ी कार्रवाई की गई। हमीरपुर और शिमला के दो कॉलेज शिक्षकों को सेवा से बर्खास्त किया गया, जबकि चंबा के एक शिक्षक को पॉक्सो मामले में अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी गई। कई अन्य मामलों में विभागीय जांच अभी भी जारी है। कई मामलों में छात्राओं ने शिक्षकों पर अनुचित स्पर्श, अश्लील बातचीत, आपत्तिजनक संदेश भेजने और यौन उत्पीड़न जैसे गंभीर आरोप लगाए। कई मामलों की जांच अभी न्यायिक और विभागीय स्तर पर चल रही है। शिक्षा मंत्री ने बताया कि सभी स्कूलों और कॉलेजों में आंतरिक शिकायत समितियां गठित की गई हैं। शिकायतों की सुनवाई और जांच तय प्रक्रिया के तहत की जा रही है। विभाग ने प्रधानाचार्यों और अधिकारियों को ऐसे मामलों के त्वरित निपटारे के लिए विशेष प्रशिक्षण भी दिया है।