हिमाचल प्रदेश में 7 मई को मतदान होगा। चार संसदीय सीटों और एक विधानसभा सीट के लिए होने वाले मतदान को शांतिपूर्वक संपन्न करने के लिए पुुुलिस विभाग ने सुरक्षा चाक चौबंद कर दी है। 7 मई को 22 हजार पुलिस कर्मियों की सुरक्षा में मतदान होगा।
इनमें 45 कंपनियां चुनाव आयोग से मांगी हैं। जो आईटीबीपी के अलावा जम्मू कश्मीर, हरियाणा, पंजाब और दिल्ली से भेजी जाएंगी। इसके अलावा प्रदेश पुलिस के 10 हजार पुलिसकर्मी और 6 हजार होमगार्ड के जवान तैनात होंगे। हरियाणा से भी होमगार्ड की दो और बटालियन मांगी गई हैं।
केंद्रीय सुरक्षा बल की टीमें अतिसंवेदनशील बूथों और स्ट्रांग रूम की सुरक्षा तैनात होंगे। इसके अलावा जनजातीय क्षेत्रों में कानून एवं व्यवस्था के लिए दो हेलिकॉप्टरों का भी सहयोग लिया जाएगा। इसके अलावा 102 पुलिस थानों में स्टेटिक सर्विलांस और 102 उड़नदस्तों की टीमें बनाई गईं।
पुलिस मुख्यालय सहित पुलिस के सभी 13 जिलों में इलेक्शन सेल भी बनाए गए हैं। जहां पर चुनाव से संबंधित हर गतिविधियों का रिकॉर्ड होता है और प्रतिदिन मुख्यालय रिपोर्ट भेजी जाती है। बाद में मुख्यालय से वही रिपोर्ट कंपाइल होकर चुनाव आयोग और मुख्य निर्वाचन अधिकारी को भेजी जाती है।
पुलिस सुरक्षा पर खर्च होंगे 6 करोड़
चुनाव के दौरान सुरक्षा पर इस बार करीब 6 करोड़ की राशि खर्च होगी। पुलिस विभाग ने चुनाव आयोग को 5 करोड़ 83 लाख से अधिक की राशि खर्च होने का आकलन बनाकर भेजा है। जो 2012 में हुए विधानसभा चुनाव से करीब दोगुनी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार खर्चे की यह अनुमानित राशि बढ़ भी सकती है।