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नहीं तोड़ी जाएंगी विश्व बैंक की मदद से बनी 22 सब्जी मंडियां

Thu, 26 Sep 2019 11:29 AM IST
Krishan Singh विपिन काला, अमर उजाला, शिमला
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सोलन सब्जी मंडी - फोटो : अमर उजाला
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विश्व बैंक की मदद से बनीं प्रदेश की 22 सब्जी मंडियां नहीं टूटेंगी। इन्हें विश्व बैंक की स्वीकृति के बिना बनाया गा था। फिर विश्व बैंक ने इन्हें तोड़ने को कहा था। सरकार ने इन मंडियां का ढांचा सुदृढ़ करने का आश्वासन विश्व बैंक को दिया है ऐसे में अब इन मंडियों को नहीं तोड़ना पड़ेगा।

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प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में करोड़ों रुपये से करीब दो दर्जन सब्जी मंडियों का निर्माण आनन-फानन में किया गया था। इनका निर्माण करने से पहले विभिन्न पहलुओं पर गौर तक नहीं नहीं किया गया।

सब्जी मंडियां ऐसे क्षेत्रों में खोली गईं, जहां बागवानों-किसानों के लिए बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं थीं। कई सब्जी मंडियां ऐसी जगह बनाई गईं, जहां पहुंचने के लिए रास्ता नहीं था। किसानों-बागवानों फसलें पहुंचाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
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इन सब्जी मंडियों में किसान-बागवान फसलें ले कर पहुंच भी जाएं तो उनकी फसलों के खरीदार तक नहीं मिलते। इन सब्जी मंडियों में व्यवस्था सहीं न होने पर विश्व बैंक ने तोड़ने को कहा था। इनके निर्माण से पहले विश्व बैंक को विभिन्न चरणों में विश्वास में नहीं लिया।

न ही मंडियों के प्रोजेक्ट के बारे में अवगत कराया गया। मंडियों का निर्माण करने के बाद जब विश्व बैंक ने कई खामियां पाईं तो इनको तोड़ने का कहा गया। जयराम सरकार ने पुन: विश्व बैंक से इन मंडियों का मामला उठाया।

सरकार न आश्वासन दिया कि पूर्व में मंडियों के निर्माण में कमियां रही हैं। सरकार इनकी खामियों को दूर कर इन्हें व्यावहारिक बनाएगी। इसके लिए विश्व बैंक राजी हो गया है। 

कृषि मंत्री रामलाल मारकंडा ने कहा कि प्रदेश की 22 सब्जी मंडियों के निर्माण में खामियों को लेकर विश्व बैंक ने आपत्ति जताकर इन्हें तोड़ने को कहा था। सरकार ने विश्व बैंक से मामला उठाया कि इन सब्जी मंडियों सही किया जाएगा अब विश्व बैंक राजी हुआ है। 

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