ठियोग की दुर्गम पंचायत धर्मपुर के भोगड़ा उच्च विद्यालय में सालों से शिक्षकों के रिक्त पड़े पदों को न भरने से भड़के लोगों ने वीरवार को निदेशक प्रारंभिक शिक्षा के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। विधायक राकेश सिंघा और स्कूल प्रबंधन समिति के सदस्यों ने फर्श पर बैठकर इस अनिश्चितकालीन प्रदर्शन में भाग लिया। इस दौरान अभिभावकों ने प्रदेश सरकार हॉय हॉय..., ठगी ठोरी नहीं चलेगी.. जैसे नारे लगाकर पदों को तुरंत भरने की मांग जोरदार तरीके से उठाई।
रात करीब आठ बजे तक विधायक राकेश सिंघा लोगों के साथ यहां बैठकर धरना देते रहे। इसके बाद एडीसी और शिक्षा विभाग के निदेशक ने सिंघा को मनाने की कोशिश की। लेकिन विधायक इस बात पर अड़ गए कि वह स्कूल को शिक्षक मिलने तक धरना समाप्त नहीं करेंगे। वहीं दूसरी तरफ विभाग लोस चुनाव के चलते लगी आचार संहिता के कारण अभी शिक्षक की तैनाती नहीं कर सकता है।
निदेशालय में मजबूर होकर प्रदर्शन करने पहुंचे स्कूल प्रबंधन समिति प्रधान जितेंद्र सिंह, धर्मपुर पंचायत प्रधान ओम प्रकाश, इंद्र सिंह, दिनेश, नौख राम, चमन, नरेश, देवानंद और हेम राज सहित अन्य अभिभावक भी प्रदर्शन में शामिल हुए। विधायक राकेश सिंघा ने कहा कि दस सालों से अभिभावक लगातार स्कूलों में रिक्त पड़े शिक्षकों के पदों को भरने की मांग कर रहे हैं लेकिन उन्हें सिर्फ आश्वासन दिया जा रहा। बच्चों के भविष्य की चिंता कर अभिभावक आज यहां प्रदर्शन करने को मजबूर हुए हैं।
स्कूल को स्तरोन्नत हुए दो साल हो चुके हैं लेकिन वहां वर्तमान में सिर्फ एक शास्त्री और एक टीजीटी नॉन मेडिकल का शिक्षक पढ़ा रहा है। मुख्याध्यापक सहित सात पद रिक्त चल रहे हैं। सरकार और विभाग कोई सुनवाई नहीं कर रहा है। स्कूल की दसवीं कक्षा की छात्रा भारती की उच्च न्यायालय में दायर जनहित याचिका पर उच्च न्यायालय ने सरकार को 30 अक्तूबर 2018 को रिक्त पदों को भरने के आदेश दिए थे। बावजूद इसके शिक्षकों के पद नहीं भरे गए। न्यायालय में सरकार ने शपथ पत्र में इसे मिडल स्कूल बता गलत तथ्य न्यायालय में रखे जबकि स्कूल 2016 में स्तरोन्नत हो गया था।
कोर्ट ने दिए थे पद भरने के आदेश
विधायक राकेश सिंघा का आरोप है कि शहर के स्कूलों में एक भी पद रिक्त नहीं लेकिन सरकार ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में शिक्षकों के रिक्त पद नहीं भर रही। इससे बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ हो रहा है। आज स्कूल में छात्रों की संख्या 50 तक सिमट गई है। उन्होंने कहा कि जब तक रिक्त पद भरने के आदेश नहीं दिए जाते उनका यह धरना प्रदर्शन जारी रहेगा।
पढ़ाई छोड़ने को मजबूर हो रहीं हैं छात्राएं : सिंघा
विधायक राकेश सिंघा ने कहा कि दुर्गम पंचायत के भोगड़ा हाई स्कूल से धर्मपुर स्कूल आठ किलोमीटर दूर है। परिवहन की व्यवस्था नहीं है। सालों से नजरअंदाज की जा रही शिक्षकों के पदों को भरने की वजह से छात्राएं या तो पढ़ाई छोड़ने को मजबूर हैं या फिर जोखिम लेकर रोज पैदल सफर करने को। सरकारों और विभाग की इसी लापरवाही की वजह से कोटखाई जैसे गुड़िया दुराचार और हत्या जैसी घटनाएं होती हैं।
विधायक राकेश सिंघा और एसएमसी अध्यक्ष जितेंद्र सिंह ने बताया कि स्कूल में मुख्याध्यापक का पद 4 अक्तूबर 2017 से, टीजीटी मेडिकल का पद अप्रैल 2016 से, भाषा अध्यापक का अप्रैल 2016 से, ड्राइंग मास्टर का पद जून 2017 से, पीईटी का पद जून 2010 से और टीजीटी आर्ट्स का एक पद, एक अप्रैल 2016 से और एक अन्य पद एक फरवरी 2019 से रिक्त चल रहा है।