हिमाचल में बीपीएल परिवारों के घर के बाहर गरीब होने की सूचना पट्टिका लगाने का असर अब दिखने लगा है। बीते तीन महीनों में ही गरीबों का हक मारने वाले 2155 फर्जी गरीब परिवारों का पर्दाफाश हुआ है।
ये ऐसे रसूखदार परिवार हैं, जिन्होंने मिलीभगत से बीपीएल सूची में अपना नाम दर्ज करवा लिया और बरसों से सरकारी योजनाओं का लाभ उठा रहे थे। प्रदेश में बिलासपुर जिले में सर्वाधिक 1335, मंडी में 271 जबकि शिमला जिले में सबसे कम 2 फर्जी बीपीएल परिवारों का खुलासा हुआ है।
प्रदेश सरकार ने इन अपात्र परिवारों को बीपीएल सूची से हटाने के निर्देश दे दिए हैं। गौरतलब कि मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने ही बीपीएल परिवारों की चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाए थे। इसके बाद पंचायती राज विभाग ने हर बीपीएल परिवार के घर के बाहर गरीबी की पट्टिका लगाने का विशेष अभियान चलाया।
तीन हजार से ऊपर जाएगा आंकड़ा
सूचना पट्टिका में परिवार के मुखिया का नाम, सदस्यों की संख्या, बीपीएल में शामिल होने की तारीख को दर्शाया जा रहा है। प्रदेश में अब तक एक लाख बीपीएल घरों के बाहर सूचना पट्टिका लगाई जा चुकी हैं। इनमें 2085 परिवार फर्जी पाए गए हैं, जबकि 70 परिवारों ने खुद ही अपने नाम सूची से कटवा लिए।
सरकार को अभी 11 जिलों के आंकड़े मिले हैं। जनसंख्या के हिसाब से प्रदेश के सबसे बड़े जिले कांगड़ा का अभी रिकार्ड नहीं मिला है। सरकार का मानना है कि फर्जी गरीब परिवारों का आंकड़ा तीन हजार के ज्यादा ही रहेगा।
यहां जानिए किस जिले में कितने फर्जी परिवार
जिला फर्जी परिवार
बिलासपुर - 1335
मंडी - 271
हमीरपुर - 218
शिमला 02
सोलन 16
कुल्लू - 21
ऊना - 48
चंबा - 174
अन्य - 28
हिमाचल में स्पेशल अभियान के तहत 2085 परिवारों की पहचान हुई है, जिनका बीपीएल सूची में गलत तरीके से चयन हुआ था। इन लोगों को सूची से हटाया जा रहा है। 70 परिवारों ने खुद ही बीपीएल सूची से नाम कटवा लिए हैं।- ओंकार शर्मा, सचिव पंचायतीराज विभाग