बाहरी राज्यों के लोगों को 19 सितंबर से शहर में एंट्री के लिए ग्रीन फीस चुकानी होगी।
हिल्सक्वीन शिमला आने वाले बाहरी राज्यों के लोगों को 19 सितंबर से शहर में एंट्री के लिए ग्रीन फीस चुकानी होगी। बाहरी राज्यों से आने वाले सैलानी मोबाइल ऐप के जरिये भी ग्रीन फीस चुका सकेंगे।
इसके अलावा पैट्रोल पंप, लोकमित्र केंद्र, इंटरनेट कैफे, बैंक शाखाओं और निगम के कैश काउंटर पर भी ग्रीन फीस जमा करवाई जा सकेगी। सैलानियों को ग्रीन फीस की जानकारी देने के लिए नगर निगम ने परवाणू से लेकर शिमला के प्रवेश द्वार तक जगह जगह होर्डिंग लगा दिए हैं।
इसके अलावा परवाणू बैरियर पर 19 सितंबर से पर्चे बांट कर भी लोगों को ग्रीन फीस के बारे में अवगत करवाया जाएगा। सैलानी बैरियर पर भी ग्रीन फीस जमा करवा सकेंगे।
इतना ही नहीं नगर निगम हिमाचल की सीमा में प्रवेश करते ही सैलानियों को उनके मोबाइल पर रोमिंग एरिया मेसेज की तर्ज पर ग्रीन फीस जमा करवाने का मेसेज भेजने और एफएम रेडियो के जरिये सैलानियों को ग्रीन फीस जमा करवाने की सूचना देने का भी प्रयास कर रहा है।
19 सितंबर से शुरू होगी ग्रीन फीस की वसूली
ग्रीन फीस के जरिये नगर निगम को सालाना 15 करोड़ रुपये की आमदनी होगी। ग्रीन फीस के लिए नगर निगम अलग खाता खोलेगा और इससे होने वाली कमाई सिर्फ शहर के सुंदरीकरण, पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता पर खर्च होगी।
नगर निगम आयुक्त पंकज राय का कहना है कि 19 सितंबर से नगर निगम ग्रीन फीस की वसूली शुरू कर देगा। विभिन्न साधनों के जरिये शिमला पहुंचने से पहले ही सैलानियों को ग्रीन फीस के बारे में अवगत करवा दिया जाएगा। मोबाइल ऐप के माध्यम से सैलानी आसानी से ग्रीन फीस जमा कर सकेंगे।
यहां जानिए किस गाड़ी की कितनी रहेगी फीस
मोबाइल से ग्रीन फीस जमा करने पर 190 रुपये चुकाने होंगे जबकि पैट्रोल पंपों, बैंकों और लोकमित्र केंद्रों के जरिये ग्रीन फीस के एवज में 200 रुपये चुकाने होंगे। ट्रेन और परिवहन निगम की बसों से शिमला आने वाले सैलानियों को फीस नहीं चुकानी होगी।
यह होंगी ग्रीन फीस की दरें
- दोपहिया वाहन 50 रुपये
- छोटे वाहन 200
- बड़े वाहन 300
एक बार में सात दिन के लिए मान्य होगी ग्रीन फीस
इन वाहनों को मिलेगी ग्रीन फीस से छूट
1. सेना की गाड़ियां
2. केंद्र सरकार की गाड़ियां
3. हिमाचल सरकार की गाड़ियां
लोकल रेजीडेंट के पास अगर बाहर के नंबर की गाड़ी तो नहीं चुकानी होगी फीस
राजधानी शिमला के उन लोगों को ग्रीन फीस नहीं चुकानी होगी, जिनके पास बाहरी राज्यों के नंबरों वाली गाड़ियां हैं। ऐसे लोगों को अपनी गाड़ी की आरसी के साथ नगर निगम को अपने हिमाचली प्रमाण पत्र की प्रति या कार धारक के नाम वाले पानी या बिजली बिल की प्रति, वोटर कार्ड, राशन कार्ड, विभागीय पहचान पत्र अथवा संबंधित पार्षद का प्रमाण पत्र देना होगा।
ग्रीन फीस जमा न करने पर 5000 जुर्माना
ग्रीन फीस जमा न करने वालों पर नगर निगम 5000 जुर्माना लगाएगा। ग्रीन फीस जमा किए बिना शहर में घूमने वाली गाड़ियों को पकड़ने के लिए टास्क फोर्स गठित की जाएगी। अपने स्मार्ट फोन में ग्रीन फीस मोबाइल ऐप डाउनलोड कर नगर निगम के पार्षद और सभी अफसर भी ग्रीन फीस जमा न करने वालों के खिलाफ कार्रवाई कर सकेंगे।