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MC SHIMLA: 18 लाख का घोटाला, सुपरवाइजरों का वेतन रोका

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अमर उजाला ब्यूरो

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शिमला। घरों से कूड़ा उठाने की फीस में लाखों का घपला सामने आने के बाद नगर निगम ने सैहब सोसायटी के 34 सुपरवाइजरों की तनख्वाह रोक दी है। निगम को अंदेशा है कि इन्हीं कर्मचारियों ने निगम को लाखों की चपत लगाई है।
जांच पूरी होने के बाद जो भी सुपरवाइजर इस घपले में शामिल पाए जाएंगे, उनके खिलाफ पुलिस में भी मुकदमा दर्ज किया जा सकता है। मामले को लेकर आयुक्त रोहित जमवाल ने सोमवार शाम अधिकारियों की बैठक ली। चर्चा की गई कि कैसे इस घाटे को पूरा किया जाए। साथ ही घपला करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ जांच को जल्द पूरा करने को कहा। निगम प्रशासन ने शुरुआती जांच के बाद इन सुपरवाइजरों को नोटिस जारी कर सात दिन के भीतर फीस वसूली का पूरा हिसाब देने को कहा गया था। लेकिन इन्होंने न तो जवाब दिया और न ही पैसा। ऐसे में निगम ने इन सुपरवाइजरों की तनख्वाह पर रोक लगा दी। हालांकि, सैहब सोसायटी लगातार निगम पर तनख्वाह देने का दबाव बना रही है। ऐसे में आने वाले दिनों में निगम को जांच पूरी होने से पहले ही तनख्वाह जारी करनी पड़ सकती है।
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निगम के नोडल अफसर कर रहे घपले की जांच
आखिर जनता से वसूले गए करीब 18 लाख रुपये किसके खाते में गए, नगर निगम ने इसका पता लगाने के लिए जांच बिठा रखी है। निगम प्रशासन ने हर वार्ड के लिए नोडल अफसर तैनात किए हैं जो वार्डों में जाकर फीस की रसीदें चैक कर रहे हैं। शहर में सैहब सोसायटी के कर्मचारी करीब 39 हजार उपभोक्ताओं से गारबेज कलेक्शन की फीस वसूलते हैं। फीस डबल होने के बाद नगर निगम को उम्मीद थी कि मासिक आय 28 से बढ़कर 40 लाख हो जाएगी। लेकिन कमाई 28 से घटकर 22 आ गई।

अहम इनसेट
ईपीएफ का भुगतान न होने पर खाता फ्रीज
वहीं, नगर निगम का खाता फिर फ्रीज हो गया है। ईपीएफ का पैसा न चुकाने के बाद निगम का खाता फ्रीज कर दिया गया है। नगर निगम को सैहब सोसायटी के कर्मचारियों के ईपीएफ और ईएसआई का लाखों रुपये जमा कराना है। निगम किस्तों में इनकी अदायगी कर रहा है। लेकिन अब पैसा न मिलने पर निगम का खाता फ्रीज किया गया है। इसी के चलते कई कर्मचारियों को तनख्वाह जारी नहीं हो पाई है।

क्या कहती है महापौर
इस घपले की जांच चल रही है। इसीलिए तनख्वाह भी रोकी गई है। जांच के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।- कुसुम सदरेट, नगर निगम महापौर

हम जांच को तैयार हैं
फीस वसूली में जो गड़बड़ी आ रही है, हम उसकी जांच को तैयार हैं। लेकिन तनख्वाह न रोकी जाए। इसके अलावा निगम ने अभी सैहब कर्मियों की तनख्वाह भी नहीं दी है जिससे परेशानी आ रही है।
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जसवंत सिंह, अध्यक्ष सैहब सोसायटी कर्मचारी यूनियन

इनसेट
कूड़े की फीस में हो रहा घपला: माकपा
शहर में कूड़े की फीस में हो रहे घपले पर माकपा शिमला शहरी कमेटी ने नगर निगम प्रशासन को निशाने पर लिया है। शहरी सचिव बलवीर पराशर का कहना है कि निगम की लापरवाही से लाखों रुपये का घपला हो गया। सचिव ने कहा कि एक तो निगम ने कूड़ा एकत्र करने की फीस डबल कर दी, दूसरा आय बढ़ने की बजाय घट गई। कहा कि मामले की जांच होनी चाहिए।

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