गोरखा जवानों ने ली देश सेवा की शपथ
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42 सप्ताह के कड़े प्रशिक्षण के बाद 144 कोर्स के 215 गोरखा जवानों ने सुबाथू छावनी के ऐतिहासिक सलारिया स्टेडियम में देश सेवा की शपथ ली। कोविड-19 के बीच यह पहला मौका था जब शपथ ग्रहण समारोह में ब्रिगेडियर एचएस संधू (सेना मेडल) की अध्यक्षता में सेंटर के जीओसी (जनरल ऑफ कमांडिंग) मेजर जनरल अनिल चौधरी (सेना मेडल) ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। ट्रेनिंग पूरी करने के बाद यह पहला मौका था जब 144 कोर्स के 215 जवान सेना की वर्दी में मैदान में तैनात थे।
गुरुवार सुबह 8.30 बजे सेना की एक टुकड़ी राष्ट्रीय धुन पर तिरंगे के साथ मैदान में पहुंची। तिरंगे के सम्मान में स्टेडियम में मौजूद सभी जवानों सहित आला अधिकारी खड़े होकर सलामी देते हैं। इसके बाद सेना के धर्मगुरु ने 215 जवानों को गीता पर हाथ रखकर देश सेवा की शपथ दिलाई। सेना के दो सितारा वाहन में (जीओसी) मेजर जनरल अनिल चौधरी परेड का निरीक्षण किया और मार्चपास्ट की सलामी ली।
बेस्ट रंगरूट धाक बहादुर गुरुंग को मिली खुखरी
बेस्ट रंगरूट धाक बहादुर गुरुंग को मुख्यातिथि ने चांदी की खुखरी से सम्मानित किया। मुख्यातिथि ने सभी जवानों को सफलता पूर्वक ट्रेनिंग पूरी करने के साथ देश की बहादुर फौज में शामिल होने पर बधाई दी। इसके बाद सेना की एक टुकड़ी ने नेपाली गीत पर युद्ध के दौरान खुखरी से दुश्मनों को मौत के घाट उतारने का हुनर नृत्य के माध्यम से दिखाया।
ये हैं 14 गोरखा सेंटर की उपलब्धियां
प्रथम गोरखा व चतुर्थ गोरखा राइफल देश की वीर पलटन में से एक है। इसने देश की रक्षा में कई युद्धों में अपनी बहादुरी का परिचय दिया है। पलटन के जांबाजों ने कुर्बानी देकर 01 परमवीर चक्र, 10 महावीर चक्र, 02 अशोक चक्र, 28 वीर चक्र, 23 शौर्य चक्र, 06 कीर्ति चक्र व 141 सेना मेडल हासिल किए हैं।