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भूस्खलन की दृष्टि से हिमाचल में 21 स्थल संवेदनशील

Thu, 06 Dec 2018 06:48 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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भूस्खलन में कमी लाने के लिए सरकार ने कोर ग्रुप का गठन करने का फैसला लिया है। अतिरिक्त मुख्य सचिव राजस्व मनीषा नंदा ने यह जानकारी राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को भेजी जाने वाली विस्तृत परियोजना रिपोर्ट को लेकर आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए दी।

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नंदा ने कहा कि भूस्खलन राज्य में सबसे आम खतरा है। हर साल भूस्खलन से मकानों, खेतों, सड़कों और जनजीवन को नुकसान होता है।  उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने राज्य से भूस्खलन से निपटने के संबंध में एक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट मांगी है। 


 
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भू-स्खलन की दृष्टि से संवेदनशील 21 स्थलों को चिह्नित किया

विभिन्न जिलों में भू-स्खलन की दृष्टि से संवेदनशील 21 स्थलों को चिह्नित किया गया है। बैठक में राज्य के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने को एक कोर ग्रुप के गठन का निर्णय लिया गया। इसमें लोक निर्माण के प्रमुख अभियंता सदस्य सचिव होंगे।

कोर ग्रुप में भारतीय भूविज्ञान सर्वेक्षण चंडीगढ़ के निदेशक सदस्य होंगे और लोक निर्माण विभाग के अभियंता, उद्योग विभाग के भूवैज्ञानिक तथा आईआईटी मंडी के तकनीकी विशेषज्ञ भी सदस्य बनाए जाने का फैसला लिया है।

राज्य लोक निर्माण विभाग भूस्खलन कम करने की एजेंसी होगी। बैठक में निर्णय लिया गया कि लोक निर्माण विभाग की ओर से नमूना विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने के लिए

बिलासपुर के नयनादेवी और सिरमौर जिले से एक-एक स्थल को चिह्नित किया जाएगा। लोक निर्माण विभाग प्रत्येक अंचल में चार से पांच संवेदनशील स्थलों की पहचान कर शीघ्र इसका उपचार करेगा।
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