प्रदेश सरकार ने फर्जी बीपीएल राशन कार्डों से गरीबों का सस्ता राशन डकारने वाले 143 अफसरों से 21 लाख रुपये की रिकवरी कर ली है। इन अफसरों के बीपीएल राशन कार्ड किन कर्मचारियों ने बनाए हैं, उनकी छानबीन के लिए एसडीएम स्तर पर जांच हो रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद सरकार इनके खिलाफ मामले दर्ज कराएगी।
सरकार का मानना है कि अफसरों से कहीं ज्यादा इन फर्जी बीपीएल राशन कार्डों को बनाने वाले कर्मचारी दोषी हैं। इन कर्मचारियों ने नियमों को ताक पर रखकर अफसरों के फर्जी बीपीएल राशन कार्ड बनाए हैं। खाद्य आपूर्ति मंत्री राजेंद्र गर्ग ने बताया कि बाजार मूल्य के हिसाब से फर्जी बीपीएल अफसरों से रिकवरी कर ली गई है। फर्जी बीपीएल राशन कार्ड किसने बनाए हैं, इसकी जांच जारी है।
एसडीएम की रिपोर्ट आने के बाद कानूनी प्रक्रिया अमल में लाई जाएगी। उल्लेखनीय है कि अमर उजाला में मामले का पर्दाफाश होते ही खाद्य आपूर्ति विभाग ने अफसरों की लिस्ट तैयार कर इनका सस्ता राशन बंद कर दिया था।
उसके बाद ग्रामीण विकास विभाग ने बीडीओ को इनके खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। अब सरकार ने एसडीएम को जांच करने के निर्देश दिए हैं। एसडीएम ने रिकॉर्ड कब्जे में ले लिया है। जल्द ही जांच रिपोर्ट सरकार को सौंपी जाएगी।