जोनल अस्पताल डीडीयू में एक्सरे टेस्ट सेवा निजी कंपनी को सौंपने का माकपा ने कड़ा विरोध किया है। माकपा के जिला सचिव संजय चौहान ने कहा कि भाजपा शासित सरकार भी पूर्व सरकार की तरह ही स्वास्थ्य सेवाओं का निजीकरण कर रही है। एक ओर जहां कंपनियों को सरकार सीधा फायदा पहुंचा रही है तो वहीं दूसरी ओर जनता पर आर्थिक बोझ भी डाला जा रहा है। माकपा ने आरोप लगाया है कि सरकार और कंपनी के लोगों की सांठगांठ से यह सब खेल चल रहा है।
माकपा ने मांग की है कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर इस मामले में हस्तक्षेप करें। माकपा के जिला सचिव ने बताया कि मुख्यमंत्री जयराम सीएम की शपथ लेने से पहले ही डीडीयू के लिए एक्सरे मशीन देने की बात कहकर आए थे। लेकिन अपने इस ड्रीम को वह सच नहीं कर पाए। नौबत यह आ गई कि सरकार ने डिजिटल एक्सरे मशीन को लगाने का जिम्मा निजी कंपनी को सौंप दिया।
माकपा का कहना है कि सरकार इस निर्णय को बदले और सरकारी मशीन लगाकर अस्पताल में टेस्ट सेवा मुहैया करवाई जाए। इससे सरकारी संस्थानों का निजीकरण न हो सके। इसके अलावा माकपा ने शहर के विधायक और शिक्षा मंत्री के बयान को भी आड़े हाथों लिया है। माकपा ने कहा है कि मंत्री जनता की जिम्मेवारी छोड़कर अपने ब्यान में मामले से बचकर निकलना चाहते है। लेकिन मंत्री का यह ब्यान गुमराह करने वाला है। माकपा ने मांग की है कि डीडीयू निजी कंपनी को एक्सरे न लगाया जाए वहीं आधुनिक मशीन लगाकर जनता को सुविधा दी जाए।